चंडीगढ़ विजिलेंस ने धनास की ईडब्ल्यूएस कॉलोनी के एक फ्लैट के डुप्लीकेट कागजात देने के नाम पर बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हाउसिंग बोर्ड के सीनियर असिस्टेंट जगदीश राज मनचंदा को सेक्टर-22 से गिरफ्तार किया है। विजिलेंस वीरवार को जिला अदालत में पेश कर आरोपी का रिमांड हासिल करेगी।
सोमवार सुबह विजिलेंस को दी शिकायत में इफ्तेखार ने बताया कि वह धनास स्थित ईडब्ल्यूएस कॉलोनी निवासी है। उनके फ्लैट का अलॉटमेंट व पजेशन लेटर गुम हो गया था। वह सेक्टर-9 स्थित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड में फ्लैट के डुप्लीकेट कागजात के बारे में पता करने गए थे।
उन्होंने बताया कि इस दौरान हाउसिंग बोर्ड में उनकी मुलाकात जगदीश राज मनचंदा से हुई। मनचंदा ने बताया कि वह हाउसिंग बोर्ड में सीनियर असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता इफ्तेखार ने जब फ्लैट के डुप्लीकेट कागजात की बात कही तो मनचंदा ने कहा कि कागजात मिल जाएंगे, लेकिन इसके एवज में 50 हजार रुपये देने होंगे।
इसके बाद उन दोनों में 40 हजार रुपयों में सौदा तय हुआ। मनचंदा ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये एडवांस के तौर पर देने को कहा। आरोप है कि मनचंदा ने शिकायतकर्ता इफ्तेखार को सेक्टर-22 में रुपये लेकर आने को कहा। इसके बाद इसकी शिकायत विजिलेंस को कर दी गई।
शिकायत के आधार पर विजिलेंस डीएसपी दीपक यादव की अगुवाई में एक टीम का गठन कर आरोपी को दबोचने के लिए सेक्टर-22 में जाल बिछाया गया। बुधवार सुबह जब शिकायतकर्ता इफ्तेखार 20 हजार मनचंदा को देने पहुंचा तो विजिलेंस की टीम ने आरोपी को रंगे हाथ दबोच लिया।
... और अधिकारियों के नाम आ सकते हैं सामने
टीम ने आरोपी मनचंदा को दबोच कर विजिलेंस ले गई। अब डीएसपी दीपक कुमार की अगुवाई में लगातार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार इस गोरखधंधे में और भी कई खुलासे हो सकते हैं। कुछ आला अधिकारियों के नाम के भी खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल, विजिलेंस ने सेक्टर-45 निवासी आरोपी जगदीश राज मनचंदा के खिलाफ भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।