पीयू के गेट नंबर एक पर माैजूद पुलिस
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सीनेट चुनाव की घोषणा के मुद्दे पर 26 दिनों से चल रहे पंजाब यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन के आगे आखिरकार केंद्र सरकार को झुकना ही पड़ा। वीरवार को सरकार ने सीनट चुनाव के संबंध में लेटर जारी कर चुनाव की तिथियां घोषित कर दीं। सीनेट चुनाव सितंबर-अक्तूबर में होंगे। चुनाव की घोषणा के बाद छात्र खुशी से झूम उठे। उन्हांने ढपली बजाकर और मिठाई बांटकर जीत का जश्न मनाया। भगत सिंह तेरी सोच पे, पहरा देंगे ठोक के जैसे नारे यूनिवर्सिटी में गूजते रहे। हालांकि विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि उनका धरना समाप्त नहीं होगा। उनकी तीन मांगें अभी भी लंबित हैं। इनमें विरोध प्रदर्शन के दौरान 14 छात्रों पर दर्ज एफआईआर रद्द करना, विश्वविद्यालय की लागू की गई नई एसओपी (एसओपी) को पूरी तरह वापस लेना और हरियाणा कॉलेजों की पुन: संबद्धता पर विचार करने के लिए बनाई गई समिति को भंग करना शामिल है।
छात्र संगठनों ने सीनेट चुनाव पर कहा कि यह सिर्फ विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि पूरे पंजाब की जीत है। पिछले 26 दिन से विद्यार्थी लगातार सीनेट चुनाव की घोषणा की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। रात की ठंड और परीक्षाओं के दबाव के बावजूद छात्रों ने हिम्मत नहीं हारी और पूरी एकजुटता के साथ आंदोलन को जारी रखा।
पीयू की सीनेट का पुराना चार साल का कार्यकाल 31 अक्टूबर 2024 को पूरा हो चुका है। यूनिवर्सिटी एक्ट और नियमों के अनुसार अब नई सीनेट के लिए विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव कराए जाने हैं। इसके लिए कुल 68 सीटों पर अलग-अलग श्रेणियों से प्रतिनिधि चुने जाएंगे।