वर्ष-1962 में इंडो-चीन युद्ध में लड़ाई लड़ने वाले नायक ठाकुर सिंह नेगी (79) को एक माह के अंदर उनका घर वापस मिलेगा। एसडीएम कोर्ट ने नेगी के हक में फैसला देते हुए उनके बेटे को घर खाली करने का आदेश दिया है।
नेगी को उनके बेटे ने घर से निकाल दिया था। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे के खिलाफ लड़ाई लड़ने की ठानी और 13 जनवरी को एसडीएम कोर्ट में मेंटनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पैरेंटस एक्ट-2007 के तहत अपने बेटे के खिलाफ केस किया था।
ठाकुर सिंह नेगी फिलहाल सेक्टर-15 स्थित ओल्ड एज होम में रह रहे हैं। वह 1962 में भारत और चीन के बीच हुई लड़ाई का हिस्सा रहे हैं। आर्मी से रिटायर होने के बाद उन्होंने रिकॉर्ड क्लर्क की भी नौकरी की। उनकी पत्नी की करीब 10 साल पहले मौत हो गई थी।
ठाकुर सिंह नेगी ने अपने वकील मनबीर सिंह राठी के मार्फत दर्ज कराए गए केस में कहा था कि बेटे और बहू ने उन्हें ओल्ड एज होम में रहने पर मजबूर कर दिया है, जबकि उनका अपना घर है। वर्ष 1980 में हरियाणा हाउसिंग बोर्ड से उन्हें सेक्टर-15 में यह घर अलॉट हुआ था।
घर का एक ग्राउंड फ्लोर है, जबकि पहली मंजिल पर भी कुछ हिस्सा बना है। नेगी की अर्जी के मुताबिक, कई मौकों पर उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया और मई 2013 को बेटे-बहू ने उन्हें घर से निकाल दिया था।