स्कूली छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है, जिसमें सहयोग करने को मास्टर ट्रेनरों को आगे आना होगा। योजना के तहत, छोरियों को आत्मरक्षक बनाने के लिए उन्हें स्कूली स्तर पर ही ट्रेनिंग दी जाएगी।
यह प्रयास हरियाणा के सरकारी स्कूलों में किया जा रहा है, जहां नौवीं से 11वीं कक्षा की छात्राओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देने की तैयारी है। इसके लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद पंचकूला की ओर से ‘सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम’ का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रोग्राम के लिए मास्टर ट्रेनर की जरूरत है। विभाग द्वारा उनके प्रपोजल मांगे गए हैं। उन्हें यह प्रपोजल ईओआई में जमा कराने होंगे।
पांच साल से ट्रेनिंग दे रही हो संस्था
शिक्षा विभाग की ओर से स्कूली छात्राओं को ट्रेनिंग देने वाली संस्था के लिए कुछ नियम भी तय किए हैं, जिसमें मुख्यतः ट्रेनिंग अकादमी का अनुभव और मान्यता शामिल है। खासकर पांच साल से ट्रेनिंग दे रही संस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देने वाली संस्था पहले भी लड़कियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दे चुकी हो।