यूटी प्रशासन अब अपने सभी कार्यालयों और विभागों में सेल्फ सर्टिफिकेशन को लागू करने जा रहा है। इसके लागू होने से लोगों को अपने आवेदन पत्र गजटेड अधिकारी से अटेस्ट कराने या एफिडेविट बनवाने के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बल्कि लोग अपने पहचान पत्र, मार्क्स शीट, बर्थ सर्टिफिकेट को खुद ही सेल्फ सर्टिफाई कर पाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्र सरकार ने यूटी के प्रशासक को भेजे पत्र में सेल्फ सर्टिफिकेशन को लागू करने को कहा है। अभी चंडीगढ़ में 200 से ज्यादा ऐसी सेवाएं हैं, जिनके लिए लोगों से सत्यापित दस्तावेज लिए जाते हैं। प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा की अध्यक्षता में दो दिन पहले हुई बैठक में सेल्फ सर्टिफिकेशन को जल्द लागू करने का निर्णय लिया गया, ताकि जन सेवाओं के लिए फार्म अटेस्ट कराने या एफिडेविट देने की जरूरत न पड़े।
बैठक में प्रशासन के अधिकारियों को बताया गया कि प्रशासन के कई विभाग ऐसे हैं जो कि लोगों को आवेदन पत्र अटेस्ट कराने या एफिडेविट देने को कहते हैं। ऐसे में अगर सेल्फ सर्टिफिकेशन का प्रावधान कर दिया जाए तो लोगों के लिए आसानी हो जाएगी।
बैठक में शर्मा ने प्रशासन के अधिकारियों से कहा कि उपायुक्त कार्यालय, संपदा विभाग और शिक्षा विभाग को इसके लिए खास तौर पर तैयार होना होगा। इन विभागों को अपने अधीन आने वाली ऐसी सभी सेवाओं की पहचान करनी होगी, जहां गजेटेड अधिकारियों के हस्ताक्षर के बिना काम हो सकता हो।
ध्यान रहे कि केंद्र सरकार के दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सेल्फ सर्टिफिकेशन को लागू करने को कहा था। प्रशासन ने भी इसे लागू करने की तैयारी की थी। लेकिन, बाद में यह मामला लटक गया था। अब प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद इसे नए सिरे से लागू किया जा रहा है।