गांव बिटना सियुड़ी के कोठी नंबर 104 निवासी एवं परवाणू (हिमाचल) स्थित टोटल हेल्थ केयर मेडिसिन नामक कंपनी के मालिक सुशील कुमार को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पुलिस ने उनके परिवार को सुरक्षा मुहैया करा दी है।
रात के समय दो पुलिस मुलाजिम उनकी कोठी पर पहरा देंगे। साथ ही हर घंटे बाद पीसीआर वैन उनकी कोठी के पास चक्कर लगाएगी और एसएचओ स्वयं भी गश्त करेंगे।
सुशील कुमार के घर के बाहर लेटर बाक्स में कंप्यूटर पर टाइप किया हुआ एक पत्र और दो कारतूस मिले थे। पत्र भेजने वाले ने खुद को पुजारी गैंग का सदस्य बताते हुए उनकी जान की सलामती के बदले एक करोड़ की चौथ मांगी थी।
पत्र और कारतूस एक लिफाफा में था। उस लिफाफे पर एक ओर सिर्फ गोयल लिखा था, जबकि दूसरी ओर पुजारी इंटरप्राइजेज लिखा हुआ था।
इस पत्र में ने कोई स्टांप, न हस्ताक्षर और न ही एड्रेस लिखा है। चौथ मांगने वाले ने कहा था कि वह यदि यह रकम दे देते हैं तो उसका गैंग अन्य गैंगों से अगले पांच साल तक उनकी सुरक्षा करेगा।
हालांकि, रकम पहुंचाने के तरीके और कब व कहां भेजना है, यह पत्र में नहीं लिखा गया था।
सीसीटीवी भी मददगार नहीं
सुशील कुमार की कोठी के मेन गेट पर अगर सीसीटीवी कैमरे होते तो धमकी भरा पत्र लेटर बाक्स में ड्राप करने वाले का चेहरा कैमरे में कैद हो जाता, जो पुलिस के लिए मददगार बन सकता था।
मेन गेट पर कैमरा तो है, लेकिन इसके जरिए डोर बेल बजाने वाले का घर के अंदर से चेहरा दिखता है, लेकिन उसका कोई रिकार्ड नहीं होने से पुलिस को इस घटनाक्रम की गुत्थी सुलझाने में परेशानी आ रही है।
सहमा है परिवार
इस घटना के बाद सुशील कुमार का परिवार सहमा हुआ है। शुक्रवार को सुशील कुमार की कोठी पर उनका बेटा मिला, लेकिन उसने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
फिंगर प्रिंट भी नहीं ले सके
कालका थाना प्रभारी ललित कुमार ने बताया कि क्षेत्र में कोई पुजारी गैंग सक्रिय नहीं है। जो जिंदा कारतूस चिट्ठी के साथ मिले हैं, वह लाइसेंस वाले असलहे हैं।
लाइसेंस वाले तो कहीं से भी कारतूस खरीद सकते हैं। चिट्ठी खोलते समय इनमें अन्य लोगों के हाथ लग चुके थे, इसलिए फिंगर प्रिंट भी नहीं लिए जा सकते।