उन्होंने मीडिया से कहा कि वे घल्लूघारे को साका नीला तारा या ब्लू स्टार नहीं लिखें, क्योंकि यह सरकारी भाषा है। घल्लूघारे का अर्थ सर्वनाश होता है और जब मीडिया इसे साका नीला तारा या ब्लू स्टार लिखते हैं तो उन्हें दर्द होता है।
ध्यान सिंह मंड ने भी श्री अकाल तख्त से हुक्मनामा जारी किया और कहा कि घल्लूघारे सिख कौम का मनोबल नहीं तोड़ सके। मंड ने 1984 में श्री दरबार साहिब हमले को लोकतंत्र का बुरका पहन विश्व की तीन ताकतों की मदद से किया गया हमला बताया। बेअदबी मामले में अकाली दल और कांग्रेस दोनों की मिलीभगत स्पष्ट हो गई है और दोनों एक दूसरे को बचाने की कोशिशें कर रहे हैं।
सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के अंदर गरम ख्याली सिमरनजीत सिंह मान और दीप सिद्दू भी पहुंचे। सिमरनजीत सिंह मान ने कहा है कि 37 साल से आज का दिन घल्लूघारे के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने आज के दिन को खालिस्तान डे बताया।
वहीं इस मौके पर किसान आंदोलन के दौरान लाल किले पर झंडा लहराने वाले दीप सिद्धू ने पत्रकारों से बातचीत की और 37 साल पहले हुए इस घटनाक्रम को निंदनीय बताया। कहा कि जिस तरह से 37 साल पहले बेगुनाह लोगों को मौत के घाट उतारा गया, वह सब अब आगे आ रहा है। सिद्धू ने कहा कि अगर किसान आंदोलन के अंदर हम अपने हक के लिए कोई नारा लगा देते हैं तो हम पर देशद्रोही का टैक लग जाता है। राजनीति का एक ऐसा सिस्टम बन गया है कि आपको कभी भी इंसाफ नहीं लेने दिया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
अमृतसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्थानीय पुलिस के अलावा अमृतसर देहात और पीएपी जालंधर के पुलिस बल की शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनाती की गई है। शहर में लगभग सात हजार जवान तैनात हैं। पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह गिल शहर की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और समय-समय पर बल के सीनियर अधिकारियों के साथ बैठक करके स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।