चंडीगढ़ सेक्टर-15 के वेंडिंग जोन में अगले छह माह तक 9 सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे, जो सुरक्षा व्यवस्था के साथ ट्रैफिक व्यवस्था का जिम्मा भी संभालेंगे। इसके अलावा एक सुपरिवाइजर की भी निगम की ओर से तैनाती की जाएगी जो कामकाज की पूरी निगरानी रखेगा।
कमिश्नर केके यादव की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया। कमेटी ने वेंडरों को शिफ्ट करने के दौरान हुए खर्च को पास करने की भी अनुमति दे दी। बैठक दौरान वर्तमान में बने वेंडिंग जोन में सोलर लाइट, सार्वजनिक शौचालय, पेयजल सुविधा, जीआईएस मैपिंग और प्रोफाइल के माध्यम से स्मार्ट लाइट व्यवस्था करने का प्रस्ताव रखा गया।
सदस्यों ने कहा कि ज्यादातर वेंडर वेंडिंग जोन में शिफ्ट हो चुके हैं। इसलिए अब वेंडिंग जोन को मॉडल बनाने की तैयारी करनी चाहिए। इस मौके पर टीवीसी के सदस्य वीएन शर्मा, संगीता वर्द्घन, सीताराम, रामपाल, ट्रैफिक पुलिस के प्रतिनिधि व एसडीएम मौजूद रहे।
हर वेंडर को मिलेगा एक जैसा छाता
वेंडरों को अब पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक जैसा छाता, टेबल, स्टूल और सोलर लाइट दिए जाने पर चर्चा की गई। वहीं, वेंडरों को टेबल के सामने एक बैनर लगाने को भी कहा जाएगा जिस पर उनका वेंडिंग लाइसेंस नंबर व फोटो होगा। इससे मार्केट की सुंदरता तो बढ़ेगी ही साथ ही जीआईएस मैपिंग में भी सहायता मिलेगी। निगम सेक्टर-15 को पूरी तरह से मॉडल मार्केट बनाने के पक्ष में है। सदस्यों ने कहा कि जब एक जैसे कियोस्क होंगे तो वह और भी अच्छे दिखेंगे।
वेंडरों की समस्याओं पर हुई चर्चा
बैठक में वेंडरों की समस्याओं पर भी चर्चा की गई। इस दौरान सबसे ज्यादा समस्या फीस भरने की समय सीमा संबंधी आ रही थी। हालांकि इस विषय को आगे टाल दिया गया। इसके अलावा सदस्यों ने ऑटो पार्ट्स बेचने वाले वेंडरों की समस्या पर विचार किया। वेंडरों को ऑटो पार्ट्स रखने व गाड़ी को खड़ा करने के लिए जगह न होने के चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
वहीं, तंदूर श्रमिक और कुम्हारों को ज्यादा स्थान देने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा कई मामलों में वेंडर की मौत या बीमारी के कारण उसके नॉमिनी को लाइसेंस ट्रांसफर करने को लेकर भी सदस्यों ने अपनी सहमति दी। ऐसे वेंडरों के लिए सेक्टर-15 में ही जगह देखी जाएगी।