निरंकारी भवनों के बाहर बैरिकेड लगा दिए गए हैं। बैरिकेड में जांच के बाद ही वाहन चालकों और लोगों को भवन तक जाने दिया जा रहा है। इसके साथ ही शहर के इंटर स्टेट नाकों पर भी पुलिस ने सुरक्षा को बढ़ा दिया है।
बार्डर पर स्थित धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई गई
अमृतसर में संत निरंकारी मिशन के भवन में हुए आतंकी हमले के तुरंत बाद भारत-पाकिस्तान और जम्मू कश्मीर की सीमा से सटे नरोट जैमल सिंह और बमियाल क्षेत्र में स्थित धार्मिक स्थलों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। पुलिस की ओर से धार्मिक संस्थाओं के संचालकों को अपने भवनों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाने को कहा गया है। जानकारी के मुताबिक इस सीमावर्ती एरिया में संत निरंकारी मिशन सहित चार बड़े सत्संग भवन हैं। पाकिस्तान और जम्मू से सटा होने के कारण यह क्षेत्र अति संवेदनशील माना जाता है।
शहर के कई नाके आईआरबी के हवाले
पठानकोट की सुरक्षा के लिए आईआरबी की पूरी बटालियन को तैनात किया गया है, इसमें करीब 900 जवान हैं। इनमें 700 कांस्टेबल, 160 हवलदार, एएसआई, एसआई, इंस्पेक्टर, डीएसपी, एसपी, सहायक कमांडर और कमांडर को शामिल किया गया है। बटालियन का हेड ऑफिस शाहपुरकंडी में बनाया गया है। जानकारी के अनुसार बॉर्डर एरिया के थाना तारागढ़ को आईआरबी की पूरी कंपनी सौंप दी गई है, इसके अलावा कथलौर नाका, खानपुर, चक्की पुल, सिंबल चौक, गाड़ी अहाता चौक सहित करीब 10 के करीब नाकों पर इन्हें तैनात किया गया है।
शहर के अलावा बॉर्डर एरिया में नाके लगाए गए हैं। बटालियन के जवानों को पूरी तरह चौकस रखा गया है, हाई अलर्ट के कारण जवान मुस्तैद हैं।- सुनीता रानी, एसपी-कम-आईआरबी सहायक कमांडर