अब रामलीला मंचन के दौरान दर्शक बीच-बीच में डायलॉग नहीं बोल पाएंगे। चंडीगढ़ सेक्टर 7 की नवयुग रामलीला एवं दशहरा कमेटी ने पूरी स्क्रिप्ट बदल दी है। पिछले 40 साल से हो रही रामलीला में एक जैसे ही डायलॉग होने के कारण दर्शकों ने उन्हें पूरी तरह से याद कर लिया था। इस वजह से जब रामलीला मंचन के दौरान कलाकार अपने डायलॉग बोलते थे तो उनका उत्तर दर्शकों के बीच से ही कोई न कोई बोल देता था।
इसके कारण कलाकारों को परेशानी होती थी। साथ ही दर्शक जोर के ठहाके लगा देते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नवयुग रामलीला एवं दशहरा कमेटी के असिस्टेंट डायरेक्टर विकास सूद ने बताया कि इस साल रामलीला के संवाद और दृश्य में परिवर्तन करने का मुख्य उद्देश्य यह था कि वर्ष 1974 में जब रामलीला के डायलॉग लिखे गए उसमें अधिकतर उर्दू के थे। दर्शक भी धीरे-धीरे इन संवादों से भली भांति परिचित हो चुके थे।
पिछले कई वर्षों से हम महसूस कर रहे थे कि जब मंच पर हमारे कलाकारों में संवाद आरंभ होता था दर्शकों में बैठे हुए बच्चे डायलॉग पहले ही बोल देते थे। इस वजह से कलाकार को अपनी प्रतिभा दिखाने का भरपूर आनंद नहीं आता था।