चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) सेक्टर-53 की हाउसिंग स्कीम को आगे बढ़ाने की एक बार फिर कोशिश करने जा रहा है। 6 अगस्त को सीएचबी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक है। इसमें सेक्टर-53 स्थित हाउसिंग स्कीम के भविष्य का फैसला हो जाएगा। सीएचबी दो बार यूटी के आर्किटेक्ट डिपार्टमेंट को फ्लोर एरिया रेशो बढ़ाने का प्रस्ताव भेज चुका है, जिसे दोनों बार ही खारिज कर दिया गया। यही कारण है कि अब 6 अगस्त को होने वाली बैठक में सेक्टर-53 के हाउसिंग स्कीम को भी एजेंडा बनाकर लाया जा रहा है।
इससे पहले मार्च माह की बोर्ड बैठक में फैसला लिया गया था कि स्कीम के लिए करवाए गए डिमांड सर्वे में भाग लेने वाले सभी लोगों के पैसे वापस किए जाएं और रिवाइज्ड स्कीम पर काम किया जाएगा।
इसमें फ्लोर एरिया रेशो बढ़ाने की परमिशन लेने का भी फैसला लिया गया था। स्कीम के तहत बोर्ड ने यहां 492 फ्लैट्स बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन लोगों का रिस्पांस जानने के लिए करवाए गए डिमांड सर्वे में 178 लोगों ने आवेदन किया था। फ्लैट्स की कीमत कम करने के लिए अधिक फ्लैट्स का निर्माण हो सके, इसलिए ही बोर्ड ने फ्लोर एरिया रेशो बढ़ाने की परमिशन मांगी थी।
हाउसिंग स्कीम में ईडब्ल्यूएस फ्लैट की कीमत भी है 50 लाख रुपये
हाउसिंग बोर्ड की सेक्टर-53 की हाउसिंग स्कीम में ईडब्ल्यूएस के 80, वन बेडरूम के 120, टू बेडरूम के 100 और थ्री बेडरूम के 192 फ्लैट्स तैयार करने का फैसला लिया था। एचआईजी फ्लैट्स की कीमत करीब एक करोड़ 50 लाख रुपये, टू बेडरूम फ्लैट्स की कीमत करीब एक करोड़ 28 लाख रुपये, वन बेडरूम फ्लैट्स की कीमत करीब 86 लाख रुपये और ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स की कीमत 50 लाख रुपये के करीब रखी गई थी। प्रॉफिट हटाने के बाद ही ये राशि तय की गई है, जबकि इससे पहले फ्लैट्स की कीमत काफी अधिक थी।