एक व्यक्ति अपना जीवन अकेला नहीं काट सकता। इसे दूर करने के लिए उसे एक दोस्त, एक परिवार या कोई साथी चाहिए होता है। वहीं संगीत भी अकेलेपन को दूर करने का एक सहारा है। दो तन्हा लोग कैसे इसके जरिये आपस में जुड़ते हैं और अपना अकेलापन दूर करते हैं, इसे नाटक ‘पियानो’ में दर्शाया गया है।
पंजाब यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ इंडियन थिएटर की ओर से रविवार को ‘वर्ल्ड थिएटर डे’ पर सेक्टर-42 स्थित गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स के ऑडिटोरियम में ‘पियानो’ नाटक का मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन मशहूर बॉलीवुड कलाकार और रंगमंच से जुड़े रघुवीर यादव ने किया। उन्होंने इसमें मुख्य किरदार भी निभाया।
नाटक 1980 के दशक पर आधारित है। कहानी महानगर बंबई (अब मुंबई) की है। इसमें दिखाने की कोशिश की गई कि कैसे बड़ी बिल्डिंग के फ्लैट में रहने वाले लोग अकेलेपन का शिकार होते हैं। ऐसी ही एक महिला है जो अकेले रहती है। उसके पास एक पियानो है और वह उसे बेचने के लिए समाचार पत्र में विज्ञापन देती है। इसके बाद उसे फोन आने शुरू होते हैं।
महिला की तरह अकेले रहने वाला एक व्यक्ति उसे अलग-अलग नाम और किरदारों से फोन करता है। कभी वह महिला बनकर उसे फोन करता है तो भी एक बच्चा। इस तरह वह दोनों एक दूसरे का अकेलापन दूर करते हैं और दो तन्हा लोग एक ऐसा सफर शुरू करते हैं जो आगे चलकर दोनों को एक अलग मुकाम पर पहुंचा देता है।
लव स्टोरी या हैपी एंडिंग से हटकर नाटक का समापन इस संदेश के साथ होता है कि जो लोग संगीत से प्यार करते हैं, उन्हें अकेलापन न तो परेशान कर सकता है और न ही निराश। फ्रैंच लेखक फेरेंस कैरिनिटी के लिखित नाटक स्टेनवे ग्रैंड पर आधारित इस प्ले का रूपांतरण, निर्देशन एवं परिकल्पना रघुबीर यादव ने किया है।
इसके तीन पात्रों में से एक की भूमिका भी निभाई थी। पियानो बेचने वाली महिला को अलग-अलग किरदारों से फोन करने वाले की भूमिका रघुबीर ने और पियानो बेचने वाली महिला का किरदार रोशनी अचरेजा ने निभाया है। वहीं सूत्रधार अबीर यादव बने हैं।