चंडीगढ़। ग्रेन मार्केट एसोसिएशन ने वीरवार को एक बैठक आयोजित कर पार्किंग के गए टेंडर का विरोध किया। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में नियम व शर्तें ठेकेदार के अनुसार तैयार की गई हैं। इसके विरोध में मंगलवार को एसोसिएशन ने एक दिन की बंदी की घोषणा की है। साथ ही अपनी समस्याओं को लेकर चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को पत्र लिखा है।
एसोसिएशन के प्रधान रामकरण गुप्ता ने पत्र में लिखा है कि कोरोना के चलते व्यापारी पहले से ही आर्थिक मंदी से जूझ रहे हैं। मार्केट कमेटी ऐसी स्थिति में भी गलत शर्तों वाला पार्किंग टेंडर लागू करके करोड़ों रुपये कमाना चाहती है। इतना ही नहीं मार्केट के मुख्य प्रवेश मार्ग पर पुलिस बैरिकेड लगाकर इसे बंद कर दिया गया है जिससे ग्राहकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन के महासचिव मोहित सूद ने कहा कि अभी तो एक दिन की हड़ताल कर रहे हैं, लेकिन टेंडर रद्द नहीं किया गया तो हमें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि पार्किंग रेट को पिछले टेंडर की तुलना में पांच गुना बढ़ा दिया गया है। पार्क हुए वाहन पर 2 घंटे बीत जाने के उपरांत फीस बढ़ाने का गलत प्रावधान रखा है। दुकानों के सामने की सड़क को अवैध रूप से पार्किंग एरिया घोषित कर दिया गया है। पहले वर्ष साइकिल रिक्शा/रेहड़ी को 20 रुपये प्रतिदिन और व्यावसायिक वाहनों को 50 से 250 रुपये प्रतिदिन पार्किंग फीस देनी होगी जो अगले चार सालों तक प्रति वर्ष बढ़ती जाएगी। वहीं ठेका भी पहले वाले ठेकेदार को ही दिया गया है। इस पूरी टेंडर प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए। दो माह पूर्व 15 जुलाई को पार्किंग टेंडर के संदर्भ में सेक्रेटरी चंडीगढ़ कृषि क्रय-विक्रय बोर्ड मनदीप बराड़, मार्केट कमेटी की प्रशासक नाजुक कुमार व मार्केट कमेटी को सुझाव पत्र भी भेजा था, लेकिन हमारी बात को अनसुना कर दिया गया। इसलिए अब चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को पत्र लिखा है। बैठक में चेयरमैन सत प्रकाश अग्रवाल, मुख्य सलाहकार राज कुमार बंसल, वरिष्ठ उपप्रधान सीता राम आहूजा, वित्त सचिव राजकुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।