चंडीगढ़। डीसी निशांत कुमार यादव ने शहर में सोमवार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहित-2023 के धारा-163 के तहत आदेश जारी किये हैं। शहर में किसी भी जगह पर रैली, धरना व प्रदर्शन करने पर रोक लगाई है। सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में ही प्रशासन की अनुमति के साथ धरना प्रदर्शन किया जा सकता है। शहर में किसी भी जगह पांच या उससे अधिक लोगों के एकजुट होकर प्रदर्शन करने पर भरतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-223 के तहत कार्रवाई की जायेगी।
यह आदेश 10 नवंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक लागू रहेंगे। इसी के साथ डीसी ने यह आदेश ट्रैवल एजेंटों, इमिग्रेशन कंपनियों, होटल और रेस्टोरेंट्स, कॉल सेंटरों के लिए भी जारी किये हैं। ट्रैवल एजेंटों व इमिग्रेशन कंपनियों को शहर में अपना ऑफिस शुरू करने से पहले एरिया एसडीएम के पास पंजीकरण कराने और सूचित करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा होटल व रेस्टोरेंटस, सराय व अन्य गेस्ट हाउस को उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड रखने, कॉल सेंटरों व अन्य आईटी कंपनियों को महिलाओं के पिक एंड ड्रॉप सेवा को सही ढंग से लागू करने और कैब संचालकों को पूरा डाटा रखने के आदेश दिए हैं। शहर में जिन दुकानों पर पुलिस, सेना व अर्ध सैनिकों बलों की यूनिफॉर्म दी जाती है, पुलिसकर्मियों का रिकॉर्ड रखने के लिए कहा है।
चंडीगढ़ के जिला मजिस्ट्रेट निशांत कुमार यादव ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए बीपीओ, कॉल सेंटर, कॉर्पोरेट हाउस, मीडिया हाउस सहित सभी संगठनों के लिए कर्मचारी सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। यह आदेश 10 नवंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक लागू रहेगा।
आदेश के अनुसार जो संस्थाएं अपने कर्मचारियों को पिक एंड ड्रॉप सुविधा देती हैं, उन्हें कर्मचारियों, ड्राइवर, सुरक्षा गार्ड और कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ का पूरा डेटा रिकॉर्ड रखना होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर पुलिस व सरकारी एजेंसियों को उपलब्ध कराया जा सके।
डीएम ने जारी किए प्रमुख निर्देश:
* सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति लाइसेंसधारी एजेंसियों से ही करने पर जोर
* सभी कर्मचारियों व कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ का बैकग्राउंड एवं एंटीसिडेंट वेरिफिकेशन अनिवार्य
* रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक महिला कर्मचारी किसी कैब में अकेली नहीं सफर करेगी
* ऐसे समय में कैब में एक पुरुष कर्मचारी या वेरिफाइड सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी जरूरी
* महिला कर्मचारी को न पहला पिकअप बनाया जाए न आखिरी ड्रॉप
* रात के समय महिला कर्मचारियों को घर के दरवाजे तक ड्रॉप किया जाए
* सड़क मोटरेबल न होने की स्थिति में सुरक्षा गार्ड/सहकर्मी पैदल साथ जाएगा
* कैब के मूवमेंट पर सख्ती से निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को अनिवार्य
* कैब में जीपीएस सिस्टम इंस्टॉल करना जरूरी
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि महिला सुरक्षा से जुड़े इन निर्देशों का कड़ाई से पालन हर संस्था को करना होगा। आदेश उल्लंघन की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।