चंडीगढ़ में कोरोना की दूसरी लहर थमती नजर आ रही है। चंडीगढ़ की साप्ताहिक जांच संक्रमणता दर दो फीसदी से नीचे पहुंच गई है। यह मानक बताता है कि कोरोना वायरस नियंत्रण में है। सक्रिय मरीजों की संख्या करीब 200 तक पहुंच गई है। ऐसे में क्या माना जाए कि कोरोना की दूसरी लहर खत्म हो गई है? विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक किसी देश या क्षेत्र में जांच संक्रमणता दर लगातार 14 दिनों तक पांच प्रतिशत के कम हो तो उसे सुरक्षित श्रेणी में माना जाता है।
चंडीगढ़ की जांच संक्रमणता दर करीब 20 दिन से पांच प्रतिशत से नीचे दर्ज की जा रही है। हालांकि, विशेषज्ञ अभी थोड़ा इंतजार करने के मूड में हैं। चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। पाबंदियां हटने के बाद अगले दो हफ्ते बहुत अहम होते हैं। लोगों का आना-जाना बढ़ता है। यदि इसके बाद भी कोरोना के केस नियंत्रित रहते हैं तो कह सकते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर थम गई है। पाबंदियों को हटे अभी कुछ ही दिन हुए। नजर रखी जा रही है। लोगों को भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
फरवरी में कोरोना के केस का जो ट्रेंड था, वही स्थिति अब शहर की है। फरवरी में कोरोना के केस 25 से 32 के बीच आ रहे थे, लेकिन उस समय कोरोना जांच काफी कम हो रही थी। उस दौरान 700 से 800 जांच हो रही थी, जबकि अभी 1600 से दो हजार। संक्रमणता दर बिल्कुल समान है। इसका सीधा मतलब है कि कोरोना की दूसरी लहर थम रही है। चंडीगढ़ में अब तक कोरोना के करीब 61 हजार पॉजिटिव केस मिल चुके हैं और 807 लोगों की मौत हो चुकी है।
टीकाकरण 75 फीसदी हो तो तीसरी लहर को रोका जा सकता है
पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्ल्कि हेल्थ के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार का कहना है कि दुनिया के कई देशों में तीसरी लहर आई है। कई जगह तो चौथी लहर ने भी दस्तक दे दी है। भारत में भी इसके चांस हैं, क्योंकि अब भी कई ऐसे लोग हैं, जिन्हें न तो कोरोना हुआ है और न ही उन्होंने टीकाकरण करवाया है। ऐसे में वे भविष्य में कोरोना संक्रमित हो सकते हैं। इसे रोकने का एक ही तरीका है कि करीब 70-75 फीसदी आबादी का जुलाई के आखिरी तक टीकाकरण हो जाए। सभी को सावधान रहने की जरूरत है। लोगों को भीड़-भाड़ में जाने से बचना चाहिए।
जुलाई तक 75 फीसदी टीकाकरण का लक्ष्य
चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. अमनदीप कंग का कहना है कि चंडीगढ़ में रोजाना छह से सात हजार लोगों को टीका लग रहा है। अब तक 40 फीसदी से ज्यादा लोगों को टीका लग चुका है। जुलाई तक लक्ष्य को 70 फीसदी से ऊपर ले जाना है। आबादी के लिहाज से चंडीगढ़ में सबसे ज्यादा टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। 15 से ज्यादा मोबाइल टीमें दौड़ रही हैं। छुट्टी वाले दिन व रविवार को भी टीकाकरण केंद्र खुले रहते हैं। ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा लोग टीकाकरण के लिए पहुंचे। अब तक करीब पौने पांच लाख लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है। इनमें से पहली खुराक चार लाख से ज्यादा लोगों ने लगवाई है, जबकि दूसरी खुराक 80 हजार लोगों ने लगवाई है।