देश भर में स्वच्छ शहरों की सूची में दूसरा स्थान मिलने के बाद चंडीगढ़ में पहले स्थान पर न आने के कारण तलाशने शुरू कर दिए हैं। मेयर और कमिश्नर ने इसके लिए सख्त निर्देश दिए हैं। कहा है कि जो भी खामियां हैं, उनकी सूची तैयार की जाए और उन्हें दूर करने के लिए योजनाएं भी बनाई जाएं।
इस समय जो 600 से ज्यादा सफाई कर्मचारियों के पद खाली हैं, उन्हें भी भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। मेयर अरुण सूद का कहना है कि वह जल्द ही सफाई कर्मचारियों के साथ एक बैठक करने जा रहे हैं, क्योंकि कर्मचारियों की बदौलत ही चंडीगढ़ नंबर-2 पर आया है।
सूद का कहना है कि अभी भी कई क्षेत्रों की खस्ता हालत है। ऐसे में वह मार्च से खुद फील्ड में निकलने जा रहे हैं। उनका कहना है कि मार्च से छोटे-छोटे एरिया का चयन करके वहां पर अभियान चलाया जाएगा।
इसमें सफाई के साथ-साथ अन्य विंग से जुड़े काम भी शामिल होंगे। डोर टू डोर कूड़ा इकट्ठा करने की व्यवस्था में भी सुधार किया जाएगा।
कमिश्नर बी पुरुषार्था का कहना है कि जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ गई है। उनका कहना है कि सड़कों पर सफाई तो हो जाती है, लेकिन कई बार सड़कों के दोनों तरफ पत्ते पड़े रहते हैं। उनका कहना है कि इन पत्तों को उठाने के लिए अलग से मशीनें भी खरीदी जाएंगी।
बग्गा को भेजा जाएगा सूरत
सूरत में 18 फरवरी से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर एक कांफ्रेंस होने जा रही है। इस कांफ्रेंस में मेयर अरुण सूद को बुलाया गया था, लेकिन सूद रोज फेस्टिवल के आयोजन के कारण नहीं जा पा रहे हैं।
ऐसे में सूद की ओर से मनोनीत पार्षद सुरेंद्र बग्गा और एमओएच के डॉक्टर भट्टी को भेजा जा रहा है। बग्गा का कहना है कि सूरत से वह यह भी स्टडी करके आएंगे कि उन्होंने किस तरह से चूहों की दिक्कत से छुटकारा पाया है।