हरियाणा रोडवेज विभाग ने एक नया फरमान जारी किया है। रोडवेज की बसों में अब कैंसर पीड़ितों के लिए सीट आरक्षित होगी। महिलाओं व सीनियर सिटीजन के लिए सीटों का आरक्षण होने के बाद अब हाईकोर्ट के आदेश पर विभाग ने बसों में आरक्षित सीट के सामने कैटेगरी लिखने का काम भी शुरू कर दिया है।
कैंसर पीड़ितों के लिए सीट आरक्षित होने के बाद अब बसों में आरक्षित कैटेगरी की संख्या पांच हो गई है। हाईकोर्ट ने 31 जनवरी से पहले सभी बसों में कैंसर पीड़ितों के लिए सीट आरक्षित करने के निर्देश हैं।
विभाग की इस योजना के बाद अब यात्रियों को काउंटर बुकिंग पर भी मनचाही सीट नहीं मिलेगी। काउंटर बुकिंग पर परिचालक को आरक्षित कैटेगरी के अनुसार ही सीट नंबर देने होंगे। ऐसा न करने पर यात्री की शिकायत पर विभाग संबंधित परिचालक के खिलाफ कार्रवाई कर उस पर जुर्माना या सस्पेंड तक कर सकेगा।
बस में दो नंबर सीट होगी आरक्षित
विभाग द्वारा बसों में दो नंबर सीट कैंसर पीड़ितों के लिए आरक्षित की गई है जिससे बसों में अब आरक्षित कैटेगरी की संख्या में पांच हो गई है। अब तक महिला यात्री, वरिष्ठ नागरिक, स्वतंत्रता सेनानी, एमपी/एमएलए सहित चार कैटेगरी के यात्रियों के लिए सीटें आरक्षित थीं लेकिन अब आरक्षित केटैगरी की संख्या पांच हो गई है।
विभाग ने अब आरक्षित सीटों पर उपयुक्त यात्रियों को ही बैठाने की व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। विभाग द्वारा बसों की चेकिंग करने वाले फ्लाइंग टीमों को अब टिकटों के साथ सीटिंग प्लान अनुसार यात्रियों के बैठाने की जिम्मेदारी भी सौंपी है तथा काउंटर बुकिंग के समय परिचालक को आरक्षित सीटों के अनुसार ही यात्रियों को सीट नंबर देने के निर्देश दिए हैं।
आरक्षित सीटों पर कैटेगरी लिखने का काम शुरू
विभाग ने हाईकोर्ट के आदेशानुसार आरक्षित सीटों के सामने केटैगरी लिखने का काम शुरू कर दिया है। विभाग द्वारा 31 जनवरी से पहले नई पुरानी सभी बसों में नए सिरे से लिखाई का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
रोडवेज की बसों में दो नंबर सीट कैंसर पीड़ितों के लिए आरक्षित की गई है। कैंसर पीड़ित व्यक्ति को निर्धारित सीट पर बैठाने की जिम्मेदारी परिचालक की होगी। ऐसा न करने वाले परिचालकों के विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
सुल्तान सिंह जीएम रोडवेज डिपो पानीपत