चंडीगढ़। सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) इंडिया इंडेक्स 2020-21 में सबसे ज्यादा 79 अंक प्राप्त कर चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेशों में टॉप पर रहा है जबकि 75 अंक लेकर केरल एक बार फिर राज्यों की सूची में शीर्ष पर रहा है। हालांकि चंडीगढ़ के नंबर केरल से ज्यादा हैं। नीति आयोग ने वीरवार को यह रैंकिंग जारी की। यह रैंकिंग शिक्षा गुणवत्ता, स्वास्थ्य, साफ पानी, स्वच्छता समेत कई मानकों को मिलाकर दी गई है।
बता दें कि सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) इंडिया इंडेक्स में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय मानकों पर प्रगति का आकलन किया जाता है। केंद्र शासित प्रदेशों की सूची में चंडीगढ़ के बाद दिल्ली, पुडुचेरी, लक्ष्यदीप, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दादरा नगर हवेली व दमन दीव हैं। कोरोना महामारी के बावजूद एसडीजी इंडिया इंडेक्स रैंकिंग में अच्छे प्रदर्शन पर चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के सलाहकार मनोज परिदा ने खुशी जाहिर की है और कहा है कि आगे भी चंडीगढ़ ऐसा ही प्रदर्शन जारी रखेगा।
वहीं, राज्यों की सूची में केरल ने 75 अंक के साथ शीर्ष स्थान बरकरार रखा है, जबकि 74 अंक के साथ हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु को दूसरा स्थान मिला है। इस साल के भारत इंडेक्स में बिहार, झारखंड और असम सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले राज्य हैं।
वर्ष 2020-21 में सबसे अधिक बढ़त मिजोरम, हरियाणा और उत्तराखंड ने दर्ज की। उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, मिजोरम, पंजाब, हरियाणा, त्रिपुरा, दिल्ली, लक्षद्वीप, अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख 65 से अधिक अंक के साथ अग्रणी श्रेणी में रहे हैं।
इन वर्गों में चंडीगढ़ का रहा दबदबा
नीति आयोग ने कुल 16 लक्ष्य तय किए थे। इनमें से चंडीगढ़ ने सभी को भोजन, शिक्षा गुणवत्ता, किफायती व स्वच्छ ऊर्जा, आर्थिक विकास, असमानता को खत्म करना, स्थायी शहर और समुदाय और जीवन जीने का स्तर के तय लक्ष्य में टॉप पर रहा है, जबकि स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यावरण, शांति, न्याय आदि के वर्गों में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। दरअसल, नीति आयोग द्वारा इस रिपोर्ट को मार्च में प्रदर्शित किया जाना था लेकिन पांच प्रदेशों में चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई, इसलिए इस रिपोर्ट का प्रकाशन रोक दिया गया। एसडीजी इंडिया इंडेक्स रिपोर्ट का एक भाग देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को समर्पित है। इस रिपोर्ट का विस्तृत विश्लेषण राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नीतियां बना रही संस्थाओं के लिए काफी उपयोगी साबित होता है।
क्या है ये इंडेक्स?
इंडेक्स में कई लक्ष्य और पैमाने रखे गए हैं, जिनको पूरा करने के आधार पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग तय होती है। इसमें गरीबी हटाने का लक्ष्य, सभी को भोजन का लक्ष्य, स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, पेयजल और स्वच्छता, ऊर्जा, आर्थिक विकास, इन्फ्रास्ट्रक्चर, समानता आदि शामिल हैं। इस सूचकांक की शुरुआत दिसंबर 2018 में हुई थी और यह देश में एसडीजी पर प्रगति की निगरानी के लिए प्रमुख साधन बन गया है। पहले संस्करण 2018-19 में 13 ध्येय, 39 लक्ष्यों और 62 संकेतकों को शामिल किया गया था, जबकि इस तीसरे संस्करण में 17 ध्येय, 70 लक्ष्यों और 115 संकेतकों को शामिल किया गया।
वर्जन
एसडीजी इंडिया इंडेक्स में चंडीगढ़ लगभग सभी लक्ष्यों में प्रथम रहा है। शहर के नागरिकों, अधिकारी, पार्षद और विभिन्न समाजिक संस्थाओं ने इन लक्ष्यों को पूरा करने में बेहद अहम भूमिका अदा की है। सभी की भागीदारी की वजह से ही चंडीगढ़ ने ये लक्ष्य हासिल किया है। अन्य उपलब्धियों के लिए भी चंडीगढ़ को शुभकामनाएं।
- वीपी सिंह बदनौर, यूटी प्रशासक