चंडीगढ़। सेक्टर- 29 के एक सभागार में रविवार शाम को उत्तराखंड पर आधारित और ऑस्कर के लिये नमित लघु फिल्म ‘मोती बाग’ की स्क्रीनिंग की गई। उत्तराखंड युवा मंच और गढ़ कला संगम के संयुक्त प्रयासों से आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय उत्तराखंडी लोग जुटे और लघु फिल्म से प्रेरणा ली। फिल्म पौड़ी गढ़वाल जिले के कलजीखाल ब्लॉक के एक गांव के 85 वर्षीय निवासी विद्यादत्त शर्मा के प्रयासो पर आधारित है। इसमें विषम परिस्थितियों में रेन वाटर हारवेस्टिंग को दिखाया गया है। गत पचास वर्षोें से शर्मा ने वर्षा के पानी को संरक्षित कर उच्च कोटि की बागवानी को अंजाम दिया है। इस अवसर पर मौजूद फिल्म के निर्देशक निर्मल चन्द्र ने बताया कि वैश्विक स्तर पर शर्मा के कार्यो को सराहा गया है, जिसके चलते इस लघु फिल्म को ऑस्कर के लिये भी नामांकित किया जा चुका है।
इस कार्यक्रम की परिकल्पना और संचालन करने वाले गढ़ कला संगम के संयोजक डीडी सुंदरियाल ने बताया कि चंडीगढ़ में इस फिल्म की स्क्रीनिंग करने का उद्देश्य युवाओं को पलायन जैसे गहन मुद्दे पर विचार करने के लिये प्रेरित करना था। उन्होंने बताया कि फिल्म के माध्यम से स्पष्ट किया गया है उत्तराखंड में उपलब्ध स्रोतों के चलते बहुत संभावनाएं हैं। स्थानीय लोग अपनी माटी को छोड़ कर न जाएं बल्कि देश और विदेशों में बसे उत्तराखंडी लोग अपने घर लौट कर स्वयं रोजगार के अवसर पैदा कर प्रदेश को और अधिक सशक्त बनाएं।
इस अवसर पर चालीस वर्ष पुरानी संस्था गढ़ कला संगम ने अपनी विरासत उत्तराखंड युवा मंच को सौंपी। सुंदरियाल ने बताया कि बुजर्ग सदस्यों के चलते प्रदेश की संस्कृति के उत्थान में मंच को इसकी जिम्मेवारी सौंपी गई है। कार्यक्रम के अंत में उत्तराखंड और स्थानीय कवियों ने गढ़वाली और कुमांउनी बोली में काव्य पाठ किया और श्रोताओं को आनंद विभोर किया। इस अवसर पर मंच के अध्यक्ष धर्मपाल रावत ने सभी का धन्यवाद किया। इस मौके पर गढ़ कला संगम के डीडी सुंदरियाल, चंडी भट्ट और बलवंत रावत मौजूद रहे।