चंडीगढ़। सेक्टर-39 में विकसित की जाने वाली मंडी की पहली ऑक्शन के सफल बोलीदाताओं को अब तक अलॉटमेंट लेटर नहीं मिल सके हैं। इसको लेकर बोलीदाता अब चंडीगढ़ के प्रशासक के साथ मुलाकात करने जा रहे हैं। बोलीदाताओं का कहना है कि मार्च 2025 में ऑक्शन हुई थी। अब एक वर्ष से ज्यादा का समय बीत चुका है पर अलॉटमेंट लेटर मिला नहीं है। अब मंडी को पर्यावरण क्लीयरेंस भी मिल चुकी है।
इन सफल बोलीदाताओं में कस्तूरी लाल शर्मा, तसिन मलिक, हरि ओम खन्ना, नरेंद्र कुमार, भारत ढींगरा, जसवंत राय, नवनीत कुमार, सुरेश कुमार शामिल रहे। एक बोलीदाता के अनुसार आढ़तियों ने चंडीगढ़ प्रशासन और संबंधित एग्रीकल्चरल एंड मार्केटिंग बोर्ड से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। इन सभी ने कहा है कि सफल आवंटियों ने बोर्ड को एक औपचारिक प्रार्थना पत्र (प्रेयर) सौंपकर कब्जा सौंपने की प्रक्रिया को पूरा किया जाए।
31 मार्च 2025 को यह ई-ऑक्शन (ई-नीलामी) हुई थी। सफल बोलीदाताओं का कहना है कि अलॉटमेंट के बाद की सभी जरूरी औपचारिकताएं बोर्ड द्वारा तय समय सीमा के भीतर पूरी करने की इजाजत दी जाए। व्यापारियों ने प्रशासन को आश्वस्त किया है कि वे टेंडर की सभी शर्तों और बोर्ड द्वारा जारी किए जाने वाले हर दिशा-निर्देश का पूरी तरह पालन करेंगे। व्यापारियों का कहना है कि पर्यावरण क्लीयरेंस और सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद अब देरी का कोई औचित्य नहीं रह जाता है।