चंडीगढ़। प्रशासन की ओर से सब्जी-राशन की दुकानें दिनभर खोलने के आदेशों का वैैज्ञानिकों ने विरोध किया है। कहा, राशन व सब्जियां लेने के अलावा लोग पास आदि बनवाने के लिए घर से जिस तरह निकले और भीड़ में वह तब्दील हो गए। इससे कोरोना के फैलने में आसानी होगी। कोरोना भी अपने मुताबिक भीड़ ही ढूंढता है। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों से कहा है कि इस आदेश को जल्द वापस लें। अन्यथा परिणाम घातक हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि प्रशासन को यह आदेश लागू करने से पहले विशेषज्ञों की राय लेनी चाहिए थी।
एसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रो. प्रिंस शर्मा ने कहा है कि पूरी दुनिया की नजर अब भारत की ओर है। हर देश यही कह रहा है कि कोरोना का भविष्य भारत में तय होगा। डब्ल्यूएचओ भी यही बात कह रहा है। इसी को लेकर केंद्र सरकार ने पूरे देश में सख्ती से लॉकडाउन किया और इसके शत-प्रतिशत पालन के आदेश दिए गए। लोग घरों में थे। कुछ ही निकल पा रहे थे। इसी बीच प्रशासन ने दिनभर राशन व सब्जियों के लिए दुकानें खोल दीं। इस आदेश से कर्फ्यू टूटा है। उन्होंने यह भी कहा है कि भारत तीसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। आंकड़े कोरोना के लगातार बढ़ रहे हैं। बावजूद इसके ऐसी ढील देना ठीक नहीं। चंडीगढ़ को इसका गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। कर्फ्यू इसलिए किया गया था कि कोरोना की चेन टूट जाए। उसमें कहीं न कहीं कम कामयाब भी हो रहे हैं।
लोगों की दिक्कतें बढ़ी हैं। ऐसे में उन्हें वाहन आदि के जरिये घर तक राशन आदि पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने प्रशासन से कहा है कि जल्द से जल्द ढील देने के आदेश को वापस लिया जाए। उन्होंने कहा, प्रशासन को इसके लिए कुछ चिकित्सकों, वैज्ञानिकों की भी राय लेनी चाहिए थी। मालूम हो कि अध्यक्ष प्रिंस शर्मा देश के जाने-माने वैज्ञानिकों में से एक हैं। उनके तमाम पब्लिकेशंस आए हैं। दुनियाभर में भी वह जाने जाते हैं। वह पंजाब विश्वविद्यालय में माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर हैैं। साथ ही डीन साइंसेज भी हैं।