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Chandigarh News: स्कूल नहीं जमा करा रहे स्पोर्ट्स फंड, सरकार हुई सख्त

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- शिक्षा निदेशालय ने सभी डीईओ और डीईईओ से मांगा स्कूलों का ब्योरा, कार्रवाई के आदेश
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में राजकीय और निजी स्कूलों की ओर से स्पोर्ट्स फंड जमा नहीं कराने पर हरियाणा सरकार सख्त हो गई है। शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में कड़ा रूख अपनाते हुए प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से इस संबंध में जिलावार ऐसे स्कूलों का ब्योरा मांगा है, जो पिछले पांच साल से फंड जमा नहीं करा रहे हैं। निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि फंड जमा नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, साथ ही उसकी रिपोर्ट भी मुख्यालय को भेजें। 2023-24 के दौरान छात्र संख्या के अनुसार राजकीय, प्राइवेट, सहायक प्राप्त स्कूलों से खेल निधि राशि का बैंक ड्राफ्ट बनाकर लाना होगा। इसके साथ ही 2022-23 का भी स्पोर्ट्स फंड जिन जिलों से विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार प्राप्त नहीं हुआ है, उसे भी जमा कराना होगा।


2 अगस्त को होगा मंथन, तैयार होगी खेल प्रतियोगिताओं की रूपरेखा
2023-24 शैक्षणिक सत्र में होने वाली खेल प्रतियोगिताओं की रूपरेखा तैयार करने को लेकर 2 अगस्त को शिक्षा निदेशालय में सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और सहायक खेल अधिकारियों की बैठक होगी। इसमें अंडर-14 आयु वर्ग लड़के व लड़कियों की खेल प्रतियोगिता की ब्लॉक, जिला, राज्य व अंडर-17, 19 आयु वर्ग की खेल प्रतियोगिताओं के साथ ही बनाए जाने वाले पूर्व वर्षों में आई समस्याओं के समाधान को लेकर भी योजना तैयार होगी।
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एक ही कैंपस में चल रहे स्कूलों का मांगा ब्योरा
एक ही कैंपस में चल रहे स्कूलों को मर्ज करने का फैसला ले चुकी हरियाणा सरकार ने अब ऐसे स्कूलों का ब्योरा मांगा है। निदेशालय की ओर से सभी डीईओ और डीईईओ से ऐसे स्कूलों की संख्या मांगी है। स्कूलों में छात्रों की संख्या, छात्र और छात्राओं की अलग-अलग संख्या देने के लिए कहा गया है। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण विद्यार्थियों का डाटा भी अलग-अलग भेजना होगा।
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स्कूलों के मर्ज के बाद अब स्टाफ और पदों को लेकर शिक्षा विभाग की 7 अगस्त को रेशनलाइजेशन आयोग के साथ बैठक होगी। बैठक में ऐसे स्कूलों को लेकर चर्चा की जाएगी। साथ ही कैसे सभी स्कूलों में अध्यापक उपलब्ध कराए जाएं और कितने पदों की जरूरत है या नहीं इस पर भी मंथन किया जाएगा।
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