चंडीगढ़। केंद्र सरकार ने दिल्ली सीबीआई के निलंबित डीएसपी बलबीर शर्मा के खिलाफ ढाई करोड़ रुपये रिश्वत मामले में केस चलाने की मंजूरी दे दी है। सीबीआई अब डीएसपी के खिलाफ हिमाचल प्रदेश के चर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपियों से रिश्वत लेने के केस की जांच करेगी।
सीबीआई ने रिश्वत मामले में शिमला ईडी में तैनात असिस्टेंट डायरेक्टर विशालदीप को भी गिरफ्तार किया था। आरोपी विशालदीप पर आरोपियों को धमकाकर रिश्वत मांगने के आरोप लगे थे। जब इस मामले की जांच की गई तो पता चला कि डीएसपी बलबीर शर्मा ही मास्टरमाइंड है। बलबीर शर्मा जेल में है। इससे पहले आरोपी विशालदीप के खिलाफ भी ईडी हेडक्वार्टर से केस चलाने की मंजूरी दी जा चुकी है।
पिछले साल हिमाचल प्रदेश के छात्रवृत्ति घोटाले में फंसे आरोपियों रजनीश बंसल और भूपेंद्र शर्मा ने सीबीआई को शिकायत दी थी। उनका कहना था कि ईडी शिमला के असिस्टेंट डायरेक्टर विशालदीप उन्हें गिरफ्तारी का डर दिखाकर रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने पर सीबीआई ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। विशालदीप ने उन्हें नाम बदलकर फोन किया और रिश्वत की रकम के साथ जीरकपुर और पंचकूला बुलाया। जब सीबीआई की टीम यहां पहुंची तो आरोपी मौका देखकर फरार हो गया। हालांकि, सीबीआई ने विशालदीप के भाई विकासदीप और नीरज को रिश्वत के 55 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार कर लिया था। विकासदीप के रिमांड के दौरान मिले इनपुट पर विशालदीप भी कुछ दिनों में गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान सीबीआई के निलंबित डीएसपी का भी नाम सामने आया तो उसे भी दबोच लिया गया था। इस केस में निलंबित डीएसपी ने कई गवाहों, सबूतों और साक्ष्यों को जांच से दूर रखने की साजिशें रची थीं।