शहर के स्कूलों में 11वीं और कॉलेजों में ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। दोनों स्तर पर स्टूडेंट के लिए कैरियर को लेकर सही फैसला लेने का यह अहम मोड़ होता है। लेकिन सही संकाय का चुनाव करने में स्टूडेंट और अभिभावक असमंजस में रहते हैं।
सेक्टर-32 स्थित स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) कैरियर को लेकर असमंजस में फंसे स्टूडेंट और अभिभावकों की मदद कर रहा है। एससीईआरटी साइकोमेट्रिक टेस्ट लेकर उन्हें बेहतर भविष्य के लिए सही विषय चुनने में सहयोग कर रहा है।
एडमिशन प्रक्रिया शुरू होते ही एससीईआरटी स्थित साइकोलॉजी रिसोर्स सेंटर में कैरियर काउंसिलिंग और एप्टीट्यूड टेस्ट देने वालों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। काउंसलर सुरेंद्र पाल शर्मा के अनुसार तीन माह में 500 से अधिक स्टूडेंट टेस्ट दे चुकेे हैं और अभी लंबी वेटिंग लिस्ट है।
साइकोमेट्रिक टेस्ट देने के लिए पंजाब, हरियाणा और हिमाचल से स्टूडेंट यहां आते हैं। यहां पर स्टूडेंट्स को उनकी क्षमता के हिसाब से 11वीं और ग्रेजुएशन लेवल पर सही विषयों का विकल्प चुनने में मदद की जाती है। यहां पर काउंसिलिंग निशुल्क दी जाती है।
हर साल 2500 स्कूल स्टूडेंट की काउंसिलिंग
नार्थ रीजन में एससीईआरटी कैरियर काउंसिलिंग करने वाला एकमात्र सरकारी सेंटर हैं। यहां पर हर साल काउंसिलिंग सेल स्कूलों के 2500 से अधिक स्टूडेंट की काउंसिलिंग करता है। 9 से 12 क्लास के स्टूडेंट के लिए सरकारी स्कूलों में समय-समय पर कैंप भी लगाए जाते हैं। ये कैंप अगस्त से सितंबर के बीच लगाए जाते हैं।
हेल्पलाइन नंबर पर लें जानकारी
स्कूली स्तर पर बच्चों की कैरियर काउंसिलिंग के लिए एससीईआरटी लिखित परीक्षा और अभिभावकों के साथ सेशन आयोजित करता है। टेस्ट के लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-2676011 पर सुबह 9 से शाम पांच बजे तक संपर्क किया जा सकता है। टेस्ट के लिए स्टूडेंट को समय लेना होता है। अभिभावकों के साथ एक घंटे का सेशन होता है।
मिल रहा बेहतर फीडबैक
एससीईआरटी-32 में 1996 से चल रहे सेंटर के बारे में पहले लोगों को अधिक जानकारी नहीं थी। अब हर रोज टेस्ट देने के लिए लंबी वेटिंग लिस्ट है। अधिकारियों के अनुसार साइकोमेट्रिक टेस्ट के बाद संकाय या कैरियर का चयन करने वाले स्टूडेंट्स से काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। विपरीत विषय या कैरियर चुनने वालों ने भी फीडबैक दिया है।
कोट्स ...
11वीं स्तर पर कैरियर काउंसिलिंग बहुत जरूरी है। यहां पर स्टूडेंट की एबिलिटी, क्रिएटिविटी, इंटेलिजेंस, इंट्रेस्ट, टेक्न्किल एबिलिटी, जनरल अवेयरनेस को परखने के लिए खास टेस्ट लिए जाते हैं। अभिभावकों के साथ भी काउंसिलिंग का दौर होता है। टेस्ट को लेकर अभिभावकों में जागरूकता बढ़ी है।
-सुरेंद्र पाल शर्मा, कैरियर काउंसलर।
इंस्टीट्यूट में एप्टीट्यूड टेस्ट के बाद स्टूडेंट और अभिभावकों को फायदा मिलता है। टेस्ट के माध्यम से बच्चों की पॉजिटिव चीजों को निखारने में मदद की जाती है।
- डॉ. सुरेंद्र सिंह दहिया, डायरेक्टर एससीईआरटी-32 चंडीगढ़।