अटारी बॉर्डर पर हथियार, ड्रग व अन्य आपत्तिजनक वस्तुओं की पाकिस्तान से व्यापारिक ट्रकों व अन्य वाहनों के जरिए सप्लाई पर नजर रखने के लिए स्थापित किए गए फुल बॉडी ट्रक स्कैनर (एफबीटीएस) बेकार साबित हुए हैं। इस मामले की जांच के लिए केंद्र सरकार की एक टीम शुक्रवार को अटारी बॉर्डर पर पहुंच रही है। यह टीम वहां लगाए गए फुल बॉडी ट्रक स्कैनर की जांच करेगी और शुक्रवार को ही वापस लौट जाएगी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के बॉर्डर प्रबंधन विभाग ने टीम के दौरे के बारे में पंजाब की मुख्य सचिव को पत्र भेजकर सूचित किया है और टीम के पहुंचने और जांच संबंधी प्रक्रिया के बारे में राज्य सरकार से सहयोग का आग्रह किया है। भारत-पाकिस्तान के बीच अटारी बॉर्डर पर दोनों देशों में सड़क मार्ग से होने वाले व्यापार के दौरान ट्रकों व अन्य वाहनों की आवाजाही पर बारीकी से नजर रखने के लिए फुल बाडी ट्रक स्कैनर (एफबीटीएस) अमेरिका से मंगाए गए हैं।
23 करोड़ की लागत से मार्च 2017 में स्कैनर स्थापित किए जाने का एलान तत्कालीन गृह मामलों के राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने किया था, लेकिन ट्रायल में यह स्कैनर पूरी तरह फेल साबित हुए हैं। बॉर्डर पर तैनात कस्टम अधिकारियों द्वारा केंद्र को भेजी जानकारी में बताया गया है कि यह स्कैनर ट्रक में प्याज की बोरियों के बीच छिपाए गए नमक के पैकेट तक पहचान नहीं पाए।
इसी तरह अन्य संदिग्ध वस्तुओं को भी यह स्कैनर पहचान नहीं सके, जबकि अटारी बॉर्डर पर स्कैनर की स्थापना खासतौर पर ट्रकों में छिपाकर लाए जाने वाले हथियारों, नशीले पदार्थों, हेरोइन आदि पर नजर रखने के उद्देश्य से की गई थी।
हालात की समीक्षा के लिए अटारी बॉर्डर पहुंचेगी केंद्रीय टीम
यह भी गौरतलब है कि 2010 में अटारी बॉर्डर के रास्ते व्यापार खोलने के समय से ही, ट्रकों व अन्य वाहनों की जांच के लिए स्कैनर लगाने की मांग की जाती रही थी। मौजूदा स्कैनर लाए जाने तक इस बॉर्डर पर वाहनों की जांच डॉग्स के जरिए की जाती रही है, जो शत-प्रतिशत सही साबित नहीं हो सकी। पंजाब की मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय टीम अटारी बॉर्डर पर पहुंच कर स्कैनर का टेस्ट करेगी और इसी दिन दिल्ली लौट जाएगी।
केंद्रीय टीम में ये विभाग हैं शामिल
शुक्रवार को अटारी पहुंच रही केंद्रीय टीम में केंद्रीय गृह मंत्रालय, लैंड पोर्ट अथॉरिटी, बीएसएफ, शस्त्र सीमा बल, सेंट्रल बोर्ड आफ इंडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम, पुलिस माडर्नाइजेशन डिवीजन, भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर, आईबी, डायरेक्टरेट आफ शिपिंग, प्रिंसिपल साइंसटिफिक एडवाइजर कार्यालय के अधिकारी शामिल होंगे।