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चंडीगढ़ पुलिस विभाग में 10 करोड़ का घोटाला: रिटायर्ड हवलदार ने दिल्ली सीवीसी को दिए सबूत, जांच के आदेश

Tue, 25 Mar 2025 07:45 AM IST
निवेदिता वर्मा संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़

सार

दिल्ली सीवीसी को शिकायत देने वाले जगजीत सिंह सितंबर 2024 में चंडीगढ़ पुलिस से रिटायर हुए थे। उन्होंने विभाग मे रहते हुए घोटाले का खुलासा किया था। 
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chandigarh police - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चंडीगढ़ पुलिस विभाग में 10 करोड़ रुपये से अधिक के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यूटी पुलिस के रिटायर्ड हवलदार जगजीत सिंह ने दो पूर्व आईपीएस अफसर और दानिप्स कैडर के तीन डीएसपी पर सबूत मिटाने और गडबड़ी के आरोप लगाए हैं। जगजीत ने पूर्व एसएसपी मुख्यालय, एसपी मुख्यालय और दानिप्स कैडर के पूर्व तीन डीएसपी के खिलाफ शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने टेंडर लीक किए, सामान खरीदने के बिल टेंडर टालने के लिए मैनेज करने और फर्जी बिल तैयार कर करोड़ों रुपये का घोटाला किया है। यह घोटाला तीन साल से चल रहा था। पुलिस अफसरों ने टेंडर के बाजार से ज्यादा कीमत दिखाकर बिल तैयार करवाए हैं। 
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सीबीआई और चीफ विजिलेंस ऑफिसर ने जब इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो जगजीत ने दिल्ली सीवीसी को शिकायत दी। जिसमें उन्होंने पुख्ता सबूत भी दिए हैं। जगजीत ने सबूत के तौर पर ऑडियो रिकॉर्डिंग, वीडियोग्राफ, दस्तावेज और अन्य कई अहम सबूत दिए हैं। जिसपर सीवीसी ने केस रजिस्ट्रड कर चंडीगढ़ चीफ विजिलेंस ऑफिसर (सीवीओ) को जांच के आदेश दे दिए हैं।  
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सीबीआई पर शिकायत और सबूत लीक करने का आरोप

जगजीत सिंह ने आरोप लगाया कि सीबीआई के डायरेक्टर को इस मामले में शिकायत दी गई थी। शिकायत के साथ पुख्ता सबूत भी दिए थे, जिसमें बिलों की कॉपी और अन्य कई सबूत भी थे। लकिन इस मामले की जांच कर रहे सीबीआई के अधिकारी शिकायत और सबूत लीक कर दिए। जिसका पुख्ता सबूत जगजीत के पास है। जगजीत ने बताया कि सीबीआई का अधिकारी और पुलिस विभाग के पूर्व एसएसपी मुख्यालय बैचमेट हैं, जिस कारण से इस मामले में सीबीआई ने कोई कार्रवाई नहीं की। सीबीआई ने इस मामले की खुद न जांच करते हुए चंडीगढ़ चीफ विजिलेंस ऑफिसर सीवीओ को जांच करने के लिए पत्र लिख दिया। जबकि यह एक गंभीर मामला है। जगजीत ने आरोप लगाया कि उसे साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए सीवीओ और सीबीआई ने अभी तक बुलाया गया। जगजीत ने आरोप लगाया कि पूर्व डीजीपी के घर एट होम कार्यक्रम के चलते भी बिलों को लेकर गड़बड़ी की गई थी, जिसके सबूत उनके पास मौजूद हैं।

डीजीपी ऑफिस से भी हुई शिकायत लीक

इस मामले मे शिकायत के बाद चीफ विजिलेंस ऑफिसर (सीवीओ) ने चंडीगढ़ के पूर्व डीजीपी को इस मामले में फैक्चुअल रिपोर्ट देने के लिए कहा था। लेकिन डीजीपी ऑफिस से जगजीत कि शिकायत और महत्तवपूर्ण जानकारियां लीक कर दी जाती थी।
 
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