सावन 2019 के मौके पर हम आपको बता रहे हैं, महाकाली के एक ऐसे मंदिर के बारे में जहां पारे से बना 101 किलो वजनी पारदेश्वर शिवलिंग मौजूद है। सेक्टर 30 स्थित इस मंदिर में शिवलिंग की पूजा करने से सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं। यह कहना है श्री कृष्ण भक्ति आश्रम मंडल के प्रधान राकेश पाल मोदगिल का।
पारदेश्वर शिवलिंग पर हर रोज बड़ी संख्या में भक्त जलाभिषेक के लिए आते हैं। अब इसकी ख्याति दूर दूर तक फैल गई है। पारदेश्वर शिवलिंग की स्थापना 2004 में की गई थी। श्री महाकाली मंदिर का संचालन श्री कृष्ण भक्ति आश्रम मंडल की ओर से होता है। सावन के महीने में पारदेश्वर शिवलिंग की पूजा का बहुत महत्व है।
भंडारे की बुकिंग के लिए तीन माह का करना होगा इंतजार
आप यदि चाहते हैं कि सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर में शनिवार को भंडारा करें तो अभी आपको तीन महीने का इंतजार करना होगा। मंदिर में हर शनिवार को भंडारे का आयोजन होता है। तीन महीने से भी अधिक की बुकिंग एडवांस में हो चुकी है। सावन के हर सोमवार को खीर और मालपुए का भंडारा लगाया जाता है।
श्री महाकाली मंदिर में श्री महाकाली की प्रतिमा के अलावा पश्चिम मुख शनिदेव प्रमुख हैं। मंदिर में दक्षिणेश्वरी काली माता की प्रतिमा विराजमान है। इसके अलावा मां पार्वती, त्रिपुर सुंदरी, मां दुर्गा, चिंतपूर्णी, महालक्ष्मी, महासरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई हैं। पारदेश्वर मंदिर के पास में नवग्रह मंदिर, शिवालय और शनिदेव का मंदिर का भी निर्माण किया गया है।
वैज्ञानिक, उद्योगपति और ट्रेडर हैं मंदिर के सदस्य
मंदिर के 350 से भी अधिक स्थायी सदस्य हैं। इसमें उद्योगपति, वैज्ञानिक, ट्रेडर मंदिर के सदस्य हैं। राकेश पाल मोदगिल ने बताया कि मंदिर का वार्षिक उत्सव शरद पूर्णिमा को भव्य तरीके से मनाया जाता है। कई भजन गायक और गायिका अपनी प्रस्तुति देती हैं। मंदिर में रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, शिवरात्रि और नवरात्रों में विशेष आयोजन किए जाते हैं। जागरण और दुर्गा पाठ का आयोजन होता है।
मंदिर कमेटी ने पुजारियों का कराया है बीमा
मंदिर में छह पुजारी और चार सेवादार हैं। सभी पुजारियों का मंदिर कमेटी की ओर से बीमा कराया गया है। मंदिर कमेटी पुजारियों के बीमा का प्रीमियम भरती है। साथ ही अटल पेंशन योजना के तहत पुजारियों की पेंशन के लिए हर महीने राशि अदा की जाती है। गरीब कन्याओं की शादी भी मंदिर कमेटी की ओर करवाई जाती है। गोशाला के लिए हर वर्ष 51 हजार रुपये दिए जाते हैं।
1985 में मंदिर के लिए अलाट हुई थी जमीन
राकेश पाल मोदगिल बताते हैं कि बात 1980 की है, जब सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर के आसपास एक दिन शोर मचा कि वहां मूर्ति निकली है। वहां पर लोग आने लगे। इसके बाद वर्ष 1985 में चंडीगढ़ प्रशासन ने मंदिर के निर्माण के लिए श्री कृष्ण भक्ति आश्रम मंडल को तीन कनाल जमीन अलाट कर दी। श्री कृष्ण भक्ति आश्रम मंडल के प्रधान राकेश पाल मोदगिल ने बताया कि जमीन अलॉट होने के बाद धीरे-धीरे मंदिर का निर्माण शुरू हुआ। अब मंदिर का भव्य स्वरूप तैयार हो गया है।