चंडीगढ़ से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवारी छोड़ चुकी सविता भट्टी ने कहा कि आम आदमी पार्टी से उनके विचार नहीं मिले। यही वजह है कि उन्होंने पार्टी से दावेदारी छोड़ दी।
उन्होंने कहा कि ईमेल के जरिए अपने इरादे पार्टी को बताए थे। ईमेल से भेजे गए पत्र पर दिल्ली की आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं ने अपनी स्वीकृति दे दी है। भट्टी आज सेक्टर 19 में मीडिया से रूबरू हुईं।
प्रेस वार्ता के दौरान स्वर्गीय जसपाल भट्टी पर पूछे गए एक प्रश्न पर सविता भट्टी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि जसपाल भट्टी के विचारों के कारण ही वह इस पार्टी से जुड़ी हैं, क्योंकि उनके पति ने भ्रष्टाचार के खिलाफ 25 साल तक संघर्ष किया है।
उन्होंने कहा कि बेशक वे पार्टी से चुनाव नहीं लड़ेंगी, लेकिन वह इस पार्टी से जुड़ी रहेंगी, क्योंकि यह पार्टी भी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है।
उन्होंने कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों से नहीं भाग रही हैं। पार्टी ने उनकी बात मान ली है और जल्द ही दूसरे उम्मीदवार का नाम भी घोषित कर दिया जाएगा।
विरोधियों पर हमले न बोलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे शालीनता से चुनाव लड़ना चाहती थीं। किसी भी निगेटीविटी का प्रचार के पक्ष में नहीं थीं। इस बारे में शुरू से ही मेरा यही स्टैंड था।
उन्होंने कहा कि वे पार्टी की शुक्रगुजार हैं कि उन्हें यहां से चुनाव लड़ने का मौका दिया गया। पार्टी के पास कई प्लान हैं। यदि प्लान ए सही नहीं बैठा तो पार्टी के पास प्लान बी भी है। केजरीवाल की मुहिम एक सोच है। वे इस सोच के साथ हमेशा जुड़ी रहेंगी। जसपाल भट्टी की भी यही सोच यही थी।
बता दें कि सविता भट्टी की प्रेस कांफ्रेंस में आम आदमी पार्टी का एक भी वालंटियर मौजूद नहीं था, जबकि उनकी प्रेस कांफ्रेंस के बारे में सुबह ही सूचना आ गई थी। पार्टी के वे कार्यकर्ता गायब थे, जो एक दिन पहले उनके पक्ष में नारेबाजी कर रहे थे। पार्टी के अन्य कार्यकर्ता भी प्रेस कांफ्रेंस में नहीं पहुंचे।