फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सऊदी अरब जाने की सोच रहे हैं तो पहले ये खबर जरूर पढ़ लें

Mon, 25 Apr 2016 12:16 PM IST
कंवरपाल/अमर उजाला, हलवारा (लुधियाना)
विज्ञापन
सउदी अरब में निर्माणाधीन बड़े-बड़े प्रोजेक्टों पर ब्रेक
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की गिर रही कीमतों और निर्माण क्षेत्र में भारी सुस्ती से हिली सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था के चलते भारतीय कामगारों के भी बुरे दिन शुरू हो गए हैं। कामगारों को पिछले तीन चार माह से वेतन नहीं मिला है। हजारों कामगार बेरोजगार हो गए हैं और वतन वापसी कर रहे हैं। 
विज्ञापन


सस्ते कच्चे तेल और यमन के साथ पिछले एक साल से चल रहे युद्ध के कारण आर्थिक मंदी का शिकार हुए दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पाद देश सउदी अरब में निर्माणाधीन बड़े-बड़े प्रोजेक्टों पर ब्रेक लग गया है। हज यात्रा के दौरान मक्का में हुए क्रेन हादसे के कारण सऊदी सरकार पहले ही सउदी बिन लादेन जैसी नामी कंस्ट्रक्शन कंपनी पर ताला जड़ चुकी है। इस कंपनी से 20 हजार भारतीय वापस भेज दिए गए हैं। 

सरकारी प्रोजेक्टों का ठेका लेने वाली कंपनी सऊदी ओजर इन दिनों अपने कामगारों को पगार तक नहीं दे पा रही है। कभी सऊदी ओजर कंपनी का डंका बजा करता था। इस कंपनी ने 185 भारतीय ड्राइवर भारत वापस भेज दिए। युकसिल कंपनी से लौटे जालंधर के नौजवान कुलदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने कंपनी में बतौर ट्राला ड्राइवर काम किया और बहुत अच्छी कमाई की, लेकिन आजकल सऊदी अरब में आर्थिक हालात ठीक नहीं है। कंपनियां बेसिक सैलरी भी नहीं दे पा रही है। इसलिए वहां सेे छटनी शुरू हो गई है। कुलदीप ने बताया कि उनकी कंपनी ने 185 ड्राइवर वापस भेज दिए हैं। अगले हफ्ते उनकी कंपनी से 200 से अधिक और ड्राइवर भारत आ रहे हैं। इनमें अधिकतर पंजाब से हैं। 
विज्ञापन


गौरतलब है कि अरब देशों में सऊदी अरब ही मात्र ऐसा देश है जहां 25 लाख से भी ज्यादा भारतीय कामगार हैं। पंजाब से ज्यादातर ड्राइवर, आपरेटर, प्लंबर, सिक्योरिटी गार्ड, टायर मैन, इलेक्ट्रिशियन और वेल्डर वहां कंपनियों में काम कर रहे हैं।

मुंबई स्थित जेपी इंटरनेशनल टिकटिंग एजेंसी के मालिक अरुण कुमार और जय कुमार ने बताया कि ट्रैवर क्राफ्ट एवं साउंड लाइन जैसी बड़ी मैनपावर रिक्रूटमेंट एजेंसियां जिनकी हर महीने 5000 से अधिक की अरब देशों की एयर टिकटें बनती थी, वह अब कम होकर 50 से 100 के बीच ही रह गई हैं। 

मुंबई स्थित मैनपावर रिक्रूटमेंट ट्रैवल एजेंसी यूशो कारपोरेशन के मालिक युसूफ पटनी और नासिर ओवरसीज के मालिक अयाज अहमद और तवकल मैनपावर के शमशेर ने बताया कि आर्थिक संकट के कारण उनका काम 70 से 80 प्रतिशत तक कम हो चुका है। उन्होंने माना कि फिलहाल नया वीजा नहीं निकल रहा है। इस संबंध में सरकार को तुरंत ही कोई ठोस हल निकालना होगा। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें