हरियाणा के रेवाड़ी में मेघालय के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि देश में किसान आंदोलन की दोबारा जरूरत है। सरकार ने तीन कानून तो वापस ले लिया थे, लेकिन किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया है। न किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस हुए और न ही किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का दाम मिला है।
एमएसपी की गारंटी के कानून की बात ही नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों की सरकार नहीं है। दुखद बात है कि हरियाणा में जातिवाद का जहर फैलाया जा रहा है। वह बुधवार को दिल्ली से राजस्थान जाते समय हाईवे स्थित बावल में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि उनपर काफी दबाव आया, लेकिन उन्होंने किसी का दबाव माना नहीं। अगर किसान दोबारा आंदोलन करते हैं तो वह पूरी तरह से उनके साथ हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं के दाम बढ़ेंगे। इससे पहले ही अडाणी के पानीपत में गोदाम बनवा दिए गए।
किसानों की फसलों का सही दाम नहीं मिला। उन्होंने अहीर रेजिमेंट को लेकर कहा कि यह तो बहुत पहले बन जानी चाहिए थी। अहीरों का गौरवशाली इतिहास किसी से छुपा नहीं है। जिला रेवाड़ी का गांव कोसली ऐसा है, जहां एक घर में दो-दो लोग सेना में हैं। यहां के सैनिकों ने बहुत बलिदान दिया है।
पूर्व सीएम मायावती पर साधा निशाना
सत्यपाल मलिक ने कहा कि कोई मोदी-मोदी नहीं कर रहा। यह सब मीडिया का खेल है। जहां अब चुनाव हो रहे हैं, वहां हर जगह ये घटेंगे। लोकसभा में तो इनका पता ही नहीं चलेगा। पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, राजस्थान हर जगह हारेंगे और सिर्फ यूपी में चूंकि मायावती आखिरी वक्त पर पैसों के लालच में खेल कर देतीं हैं। बाकी न पंजाब जीतेंगे न हरियाणा जीतेंगे।