अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम सोमवार को पंजाब के लुधियाना लोकसभा क्षेत्र पहुंचा। यहां पर लुधियाना के जगरांव पुल के पास दुर्गा माता मंदिर परिसर में चाय के दौरान राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई।
लोगों ने इस दौरान कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था का बुरा हाल है। जो भी सरकार आए वो अपराध पर लगाम लगाएं। नशा भी जरूरी है लेकिन क्राइम पर रोक लगनी बेहद जरूरी है। चाय पी रहे कुछ लोगों ने कहा कि इस वक्त हम केंद्र की सरकार चुनेंगे लेकिन उसका असर राज्य सरकार पर भी पड़ता है।
लोगों ने कहा कि पंजाब हमेशा ही विपक्ष में रहा है, मसलन पंजाब में यदि एक दल की सरकारी रही तो केंद्र में दूसरी पार्टी की। ऐसे में तालमेल की कमी दिखी और इसका खामियाजा पंजाब की जनता और इंडस्ट्री को भुगतना पड़ा, नतीजतन कभी समृद्ध प्रदेशों में शुमार प्रदेश अब कर्जाई राज्यों की श्रेणी में आ गया है, हालत यह है कि सरकारें कर्ज लेकर काम चला रही हैं। बाकी नशे के बढ़ रहे प्रभाव एवं बिगड़ रही कानून व्यवस्था को लेकर भी लोग चिंतित दिखे।
सराफा कारोबारी आनंद प्रकाश सीकरी ने कहा कि हमेशा ही पंजाब और केंद्र में अलग अलग सरकारें रही हैं और आपसी तालमेल के अभाव में पंजाब का विकास कहीं न कहीं प्रभावित हुआ है। इसके अलावा यहां पर रोजाना ही रेल रोको और सड़क रोको आंदोलन चलता रहता है, ऐसे में व्यापारी बाहर से नहीं आ रहा और लोगों को भारी दिक्कत होती है। इंडस्ट्री आस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। गुरमीत सिंह बेदी, राजन वोहरा, राजिंदर अग्रवाल, सुमित गुप्ता, राकेश मल्ही, विजय मल्होत्रा, कपिल कपूर, योगेश गुप्ता ने कहा कि निगम सदन का कार्यकाल करीब सवा साल पहले खत्म हो गया था, अभी तक चुनाव नहीं कराए, इससे भी विकास प्रभावित हो रहा है। लुधियाना कागजों में स्मार्ट सिटी है, लेकिन असल में यहां पर कुछ भी स्मार्ट नहीं है। सभी ने माना कि जब पंजाब को भी डबल इंजन की सरकार मिलेगी, तभी सूबे का सही मायनों में विकास होगा। इसके अलावा लोगों ने बातचीत में बुड्ढा दरिया की खस्ता हालत और इसे ठीक करने में लग रहे करोड़ों रुपये को लेकर भी सवाल खड़े किए। लोगों ने कहा कि खर्चा करने के बावजूद दरिया की हालत जस की तस है।