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सतलोक आश्रम प्रकरण में रामपाल पर 11 अक्तूबर को कोर्ट सुनाएगी फैसला, छावनी बना हिसार

Tue, 09 Oct 2018 09:58 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
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satlok ashram rampal
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बहुचर्चित बरवाला के सतलोक आश्रम प्रकरण में अब अदालत 11 अक्तूबर को अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले में आश्रम के संचालक रामपाल पर हत्या के दो केस दर्ज हैं। दोनों केसों में रामपाल सहित कुल 28 आरोपी हैं, जिनमें से छह लोग दोनों केस में शामिल हैं। केस नंबर 429 में कुल पंद्रह आरोपी हैं, जिनमें से बारह आरोपी जेल में बंद हैं। वहीं केस नंबर 430 में 13 आरोपी हैं। दोनों केस की सुनवाई सोमवार को पूरी हो गई।
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फैसले के लिए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत ने 11 अक्तूबर का दिन तय किया है। सोमवार को सात घंटे तक जेल परिसर एक में सुनवाई चली। अब दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने घटना के दिन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी देखी। गौरतलब है कि 14 नवंबर 2014 को बरवाला के सतलोक आश्रम में हुई घटना में सात महिलाओं और एक डेढ़ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी।

पुलिस ने इस केस में आश्रम के संचालक रामपाल व उसके करीबियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। सरकारी पक्ष इस केस में रामपाल व आश्रम संचालकों को इन हत्याओं के लिए जिम्मेदार बता रहा है जबकि बचाव पक्ष इन केसों में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से हुई मौत बता रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार सभी की मौत दम घुटने से हुई है। इसलिए बचाव पक्ष पुलिस द्वारा आश्रम में फेंके गए आंसू गैस को मौत का कारण मान रहा है।
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न्यायाधीश की सुरक्षा बढ़ाई गई

rampal
इस केस की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुनवाई कर रहे जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। उनकी पर्सनल सिक्योरिटी के साथ-साथ उनके आवास पर भी भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है।

सात जिलों की फोर्स पहुंच चुकी है हिसार
पुलिस द्वारा किसी भी तरह की घटना से निपटने के लिए पूरे शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आसपास के सात जिलों से 12 डीएसपी सहित 800 से अधिक पुलिसकर्मी हिसार पहुंच चुके हैं। इन सभी को आईजी संजय कुमार की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।

पुलिस बल द्वारा रामपाल के समर्थकों को शहर में आने से रोका जा रहा है। पुलिस की मुस्तैदी का परिणाम भी देखने को मिल रहा है। सोमवार को रामपाल की सुनवाई के दौरान हमेशा एकत्रित होने वाले समर्थकों की भीड़ नदारद रही।

 
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