सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल के समर्थकों ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर राष्ट्रीय समाज सेवा समिति (आरएसएस) पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। याचिका में कहा है कि आश्रम से जुड़े लोगों को आत्महत्या के लिए उकसाया जा रहा है। इसी के चलते दो महिलाओं ने आत्महत्या कर ली है। हाकोर्ट ने हरियाणा सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलबकी है।
रामपाल समर्थकों की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया कि सतलोक आश्रम में जो कुछ भी हुआ, उसके लिए रामपाल जिम्मेदार नहीं हैं। समिति का कंट्रोल कुछ असामाजिक तत्वों के हाथ में आ गया है। रामपाल अहिंसा व शांति का संदेश देते हैं, लेकिन समिति रामपाल के शिष्यों को गुमराह कर आत्महत्या के लिए उकसा रही है। समिति शिष्यों से यह कह रही है सरकार व न्यायपालिका रामपाल को न्याय नहीं दे सकती है, इसलिए वह राष्ट्रपति से आत्महत्या की इजाजत लेने के लिए हजारों लोगों से फार्म भरवा रही है।
समिति रामपाल की गद्दी पर कब्जा करने के लिए शुरू से ही गैर कानूनी काम कर रही है। समिति के अधिकारियों ने आश्रम व रामपाल को हाइजैक कर कानून के खिलाफ काम किया। अभी भी समिति लोगों को भड़का कर समाज में अशांति फैलाना चाहती है। याचिकाकर्ता ने इस बाबत हरियाणा के डीजीपी को एक मांग पत्र देकर इस मामले में सख्त कदम उठाने की मांग की थी, लेकिन अभी तक इस मामले में कुछ नहीं किया। इस पर हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई को टाल दिया। अब अगली सुनवाई पर हरियाणा सरकार को पक्ष रखने के साथ ही स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।