हांसी में नारेबाजी करते सरपंच।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल के 23 जनवरी को पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के गांव में आगमन से पहले प्रदेशभर के सरपंच टोहाना में एकत्रित होंगे। इसके लिए लोहड़ी व संक्रांत के बाद 15 जनवरी को बैठक रखी गई है। बैठक में सरपंचों के खिलाफ बार-बार बयानबाजी कर रहे पंचायत मंत्री के विरोध में रणनीति तय की जाएगी। बैठक के दौरान ई-टेंडरिंग के फैसले को वापस करवाने के लिए भी आंदोलन की रूपरेखा तैयार होगी।
वहीं, गांव नाढोड़ी के सरपंच नरेंद्र मेहरा ने भी पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के खिलाफ अपने गांव को एकजुट करने का फैसला लिया है। वह नाढोड़ी के ग्रामीणों की सामूहिक बैठक बुलाएंगे, जिसमें शामिल होकर पंचायत मंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया जाएगा। अगर मंत्री माफी नहीं मांगेंगे तो उनके बहिष्कार का फैसला भी लिया जाएगा।
गांव के बाद एससी-बीसी समाज भी बुलाया जाएगा टोहाना
गांव नाढोड़ी में सामूहिक बैठक के बाद प्रदेशभर के एससी व बीसी समाज को भी टोहाना बुलाया जाएगा। गांव नाढोड़ी के सरपंच नरेंद्र मेहरा ने बताया कि पंचायत मंत्री ने गांव में आकर उनके बारे में अपशब्द बोले हैं। इससे न केवल उनका बल्कि एससी समाज का भी अपमान हुआ है। अगर पंचायत मंत्री ने सार्वजनिक माफी नहीं मांगी तो समाज को एकत्रित किया जाएगा। इससे पहले ग्रामीणों की भी सामूहिक बैठक बुलाएंगे, उसके लिए जल्द ही तारीख तय होगी।
समर्थकों से आ रहा संदेश, मंत्री मिलना चाह रहे
सरपंच नरेंद्र मेहरा ने बताया कि पंचायत मंत्री के समर्थकों के संदेश आ रहे हैं। उनके द्वारा कहा जा रहा है कि मंत्री उनसे मिलना चाहते हैं। मगर उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि मंत्री ने गांव में आकर उनका अपमान किया है। इसलिए गांव के बीच आकर ही माफी मांगें।
सुभाष बराला से मिलने से राजनीति को मिली हवा
पंचायत मंत्री का विरोध करने वाले सरपंचों की भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला से हुई मुलाकात के कारण इस विवाद के राजनीतिक मायने निकलने लगे हैं। इस पूरे विरोध को बराला समर्थक सरपंचों का विरोध माना जाने लगा है। यही कारण है कि अब तक पूरी तरह जिले के 50 फीसदी सरपंच भी खुलकर मंत्री के विरोध में नहीं आए हैं।
पंचायत मंत्री को अपने आसपास रहने वालों का भ्रष्टाचार नजर नहीं आ रहा है। उनकी पार्टी के ही कई पदाधिकारी भ्रष्टाचार में डूबे हैं। अभी तो नई पंचायतों ने काम भी शुरू नहीं किया है लेकिन फिर भी सरपंचों को निशाना बनाया जा रहा है। - विकास मेहता, प्रदेश प्रवक्ता, इनेलो।