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बिना प्रमाणिकता के सरस्वती नदी मिलने की घोषणा, DC तलब

Mon, 13 Jun 2016 12:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर(हरियाणा)
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यमुनानगर में मिली सरस्वती नदी - फोटो : फाइल फोटो
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यमुनानगर प्रशासन ने बिना किसी प्रमाण के सरस्वती नदी मिलने की घोषणा कर दी तो सूचना आयोग ने डीसी और डीडीपीओ को तलब कर लिया। वहीं, राज्य सूचना आयोग में पेशी के दौरान यमुनानगर के डीसी और डीडीपीओ ने इस तरह की प्रमाणित रिपोर्ट देने से इनकार किया है।
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कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी भूगर्भ विज्ञान विभाग ने भी रिपोर्ट से पल्ला झाड़ा लिया है और इसकी रिसर्च में समय लगने की बात कही है। यमुनानगर प्रशासन की ओर से पिछले साल हजारों वर्ष पुरानी लुप्त सरस्वती नदी को ढूंढ निकालने का दावा किया गया था।

हरियाणा सरकार के साथ ही साधु-संतों ने भी इसे बड़ी उपलब्धि बताया था। खुद मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने 30 मार्च 2015 को यमुनानगर में जनसभा कर लुप्त सरस्वती नदी खोज निकालने का दावा करते हुए इस प्रोजेक्ट के लिए 50 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की थी।
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मामले की अगली सुनवाई 5 जुलाई को

यमुनानगर में मिली सरस्वती नदी - फोटो : फाइल फोटो
पानीपत के आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने हरियाणा सरकार और यमुनानगर प्रशासन के इन दावों की सच्चाई जानने के लिए तीन जून 2015 को डीसी यमुनानगर के पास आरटीआई लगाई।

कपूर ने पूछा था कि यमुनानगर प्रशासन ने लुप्त सरस्वती नदी को खोज निकालने के दावे करते हुए जो रिपोर्ट तैयार की है, उसकी प्रमाणिकता की जांच क्या राज्य सरकार, केंद्र सरकार अथवा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थान से कराई गई? उनको इसका गोल-मोल जवाब दिया गया।

इस पर कपूर ने राज्य सूचना आयोग हरियाणा में 14 नवंबर को दो अलग-अलग अपील की। इन पर सुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयोग ने डीडीपीओ यमुनानगर को सूचनाएं न देने का दोषी मानते हुए 50 हजार रुपये जुर्माना लगाने के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसकी अंतिम सुनवाई राज्य सूचना आयोग में पांच जुलाई को होनी है।
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दावों की प्रमाणिकता की जांच नहीं कराई गई

यमुनानगर में मिली सरस्वती नदी - फोटो : फाइल फोटो
इसी बीच पिछले दिनों राज्य सूचना आयुक्त समीर माथुर के समक्ष डीसी यमुनानगर एसएस फुलिया और डीडीपीओ यमुनानगर गगनदीप सिंह पेश हुए और दोनों अधिकारियों ने स्वीकार किया कि लुप्त सरस्वती नदी खोज निकालने के दावों की प्रमाणिकता की जांच सरकार ने कहीं से नहीं करवाई।

डीडीपीओ की ओर से तैयार रिपोर्ट के आधार पर ही सरस्वती नदी ढूंढ निकालने का दावा किया गया था। इसी सवाल के जवाब में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी भूगर्भ विभाग के डॉ. एआर चौधरी ने भी प्रमाणिकता की जांच रिपोर्ट से पल्ला झाड़ते हुए सूचित किया है कि यह रिसर्च का विषय है और इसमें समय लगेगा।

राज्य सूचना आयुक्त समीर माथुर ने यमुनानगर जिला प्रशासन को मांगी गई सूचना अविलंब आवेदक को देने और डीडीपीओ यमुनानगर पर लगे 50 हजार रुपये जुर्माना के नोटिस के बारे 15 जून तक जवाब तलब किया है। केस की अगली सुनवाई और समीक्षा पांच जुलाई को चंडीगढ़ में राज्य सूचना आयोग में होगी।
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