हरियाणवी गायिका सपना चौधरी ने गुरुग्राम में एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर को रद्द करने की अपील करते हुए याचिका दाखिल की है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट इस याचिका को पहले चल रहे सपना के अग्रिम जमानत के मामले की सुनवाई के साथ ही 19 जुलाई को सुनेगा।
सपना ने याचिका में बताया है कि उसने पिछले साल गुरुग्राम के सेक्टर-29 थाना क्षेत्र के चकरपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में रागिनी प्रस्तुत की थी। इसमें एक जाति विशेष पर टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए खांडसा गांव के सतपाल तंवर ने उस पर एफआईआर दर्ज करवा दी थी। तंवर ने अपनी शिकायत में कहा था कि सपना की रागनी से एससी/एसटी वर्ग के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
शिकायतकर्ता ने सेक्टर-29 पुलिस थाना में सपना व अन्य के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए सपना ने गुरुग्राम जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, वहां से खारिज कर हो गई। सपना ने याचिका में कहा कि यह रागनी विभिन्न लोक गायक पिछले 4 दशकों से भी अधिक समय से प्रस्तुत कर रहे हैं। इस मामले में उसे टारगेट किया जा रहा है, जबकि उसका किसी को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। यह एफआईआर केवल एक आधारहीन शिकायत के आधार पर की गई है, इसलिए इसे रद्द किया जाए।