किसानों ने जारी किया इकरारनामा।
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चुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक दलों ने चुनावी वादों की झड़ी लगा दी है। संयुक्त समाज मोर्चा (एसएसएम) ने मंगलवार को अपना 25 बिंदुओं का चुनावी इकरारनामा जारी कर दिया। इसमें एसएसएम ने वादा किया है कि पंजाब के राष्ट्रीय राजमार्गों को टोल फ्री किया जाएगा। पाकिस्तान से व्यापार करने के लिए हुसैनीवाला और वाघा बॉर्डर भी खोले जाएंगे।
पंजाब में बड़े औद्योगिक घरानों की इकाईयों को बढ़ावा नहीं देने की भी घोषणा की। चंडीगढ़ में संयुक्त समाज मोर्चा के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि चुनावी इकरारनामे में किसानों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। मोर्चा के इकरारनामे में किसानों को हर फसल पर एमएसपी दी जाएगी। प्रत्येक किसान परिवार की 25 हजार फिक्स आय के लिए पॉलिसी लाई जाएगी।
फसल का नुकसान होने पर कोऑपरेटिव सोसाइटी के जरिए भरपाई की जाएगी। खाद्य प्रसंस्करण के लिए किसानों को 5 लाख रुपये तक का लोन 2 प्रतिशत ब्याज पर दिया जाएगा। बड़े औद्योगिक घरानों के बजाय छोटे उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा। राजस्व विभाग की सभी सेवाओं को किसानों के लिए समयबद्ध किया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य को मजबूत करने के प्रयास किए जाएंगे। राजेवाल ने दूसरे राजनीतिक दलों पर सियासी हमला करते हुए कहा कि मोर्चा ने इकरारनामे में वही वादे किए हैं जो पूरे किए जा सकें। अन्य राजनीतिक दल फ्री की रेवड़ियां बांट रहे हैं।
पंजाब से खत्म होगा माफिया
मोर्चा ने इकरारनामे में वादा किया है कि सरकार बनाते ही पंजाब से माफिया को खत्म कर दिया जाएगा। शराब, रेत और परिवहन विभाग के माफिया को खत्म कर कोऑपरेटिव सोसाइटी और कार्पोरेशन बनाए जाएंगे। कांग्रेस द्वारा किए गए महंगी बिजली के सभी समझौते रद्द किए जाएंगे। सीधे ग्रिड से बिजली खरीद कर लोगों को सस्ती मुहैया कराई जाएगी।
हिसाब-किताब कमीशन बनेगा
मोर्चा के किसान नेता ने दावा किया कि यदि पंजाब में किसानों की सरकार बनती है तो हिसाब-किताब कमीशन बनाया जाएगा। जो नेताओं और अधिकारियों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की जांच करेगा। कमीशन के जरिए इसमें कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा में प्रतिवर्ष 90 दिन काम किया जाएगा। विधायकों की 75 प्रतिशत उपस्थिति को अनिवार्य किया जाएगा।