संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने मंगलवार को मोहाली से चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री कार्यालय तक प्रस्तावित रोष मार्च को राज्य सरकार के आश्वासन के बाद टाल दिया है। मोहाली के गुरुद्वारा श्री अंब साहिब से सुबह जैसे ही रोष मार्च शुरू किया गया, पंजाब के कृषि व किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने मोर्चे के नेताओं को मुलाकात के लिए पंजाब भवन बुला लिया। इसके बाद किसान संगठनों के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल दो बसों में सवार होकर पंजाब भवन में कृषि मंत्री से मिलने पहुंच गया।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता डॉ. दर्शन पाल ने एक बयान जारी कर बताया कि पंजाब भवन में हुई बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की मांगें जायज हैं और इन मांगों के हल के लिए वह शाम को मुख्यमंत्री भगवंत मान से बातचीत करेंगे। इस पर किसान नेताओं द्वारा मांगें जल्द माने जाने की बात कहे जाने पर कृषि मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह जल्द मुख्यमंत्री के साथ उनकी बैठक कराएंगे और इस बारे में 28 जून को दोपहर से पहले बैठक के समय की जानकारी दे देंगे।
डॉ. दर्शनपाल के अनुसार इसके बाद किसान नेताओं ने धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों को सरकार के रवैये और भरोसे के बारे में जानकारी दी और फैसला लिया गया कि सरकार के फैसले का इंतजार किया जाए। हालांकि यह भी तय किया गया कि मक्की और मूंग की एमएसपी पर खरीद के लिए लड़ाई को तब तक जारी रखा जाएगा, जब तक कि सरकार किसानों से फसल नहीं खरीद लेती। उन्होंने बताया कि इसके लिए तीन जुलाई को संयुक्त किसान मोर्चा की एक बैठक लुधियाना में बुलाने का फैसला लिया गया है।