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रामपाल के अनुयायियों की नई हरकत चौंका देगी आपको

Sun, 07 Dec 2014 12:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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रामपाल के अनुयायियों की ये हरकत जानकर आप भी चौंक जाएंगे। बरवाला के सतलोक आश्रम प्रकरण के कारण तथाकथित संत रामपाल चाहे पूरी दुनिया के लिए खलनायक बन गए हों, लेकिन उनके समर्थक और अनुयायी आज भी उन्हें अपना भगवान मानते हैं।
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अपने हीरो को सही साबित करने के लिए आश्रम की ओर से संचालित वेबसाइट पर रोजाना उनसे संबंधित पोस्ट शेयर की जा रही हैं। वेबसाइट को लगातार अपडेट किया जा रहा है।

इसके लिए बाकायदा आज भी पूरी टीम काम कर रही है। जो अपने भगवान को सोशल मीडिया के माध्यम से निर्दोष साबित करने में जुटी हुई है।

ताजा पोस्ट के जरिए आर्य समाजियों पर बोला हमला

वेबसाइट में हाल ही में आर्य समाज और महर्षि दयानंद सरस्वती को लेकर एक पोस्ट किया गया है, जिसका टाइटल ‘द प्रॉब्लम विद सत्यार्थ प्रकाश, दयानंद सरस्वती एंड आर्य समाज’ है। पोस्ट के माध्यम से कहा गया है कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने अपनी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश में सारे संतों और धर्मों की आलोचना की है।

इस लेख को ऐसे समय पोस्ट किया गया है, जब हिसार में आर्य नगर गुरुकुल का स्वर्ण जयंती समारोह मनाया जा रहा था। कार्यक्रम में शरीक होने के लिए प्रदेश के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी सहित मंत्री और अन्य राज्यों के सांसद ने भाग लिया।

मीडिया की खबरों का लगातार खंडन
सतलोक आश्रम की वेबसाइट के माध्यम से चैनलों और अखबारों में आ रही खबरों का लगातार खंडन किया जा रहा है। वेबसाइट में  चैनलों और अखबारों में आश्रम से संबंधित खबरों को पूरी तरह झूठ बताया गया है।

वेबसाइट की ओर से जारी पोस्ट में बताया जा रहा है कि इन खबरों को अखबार और चैनलों द्वारा अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जा रहा है।
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पुलिस ने किया निर्दोषों पर प्रहार

18 नवंबर को बरवाला के सतलोक आश्रम के बाहर बैठे संत के बेकसूर अनुयायियों पर पुलिस प्रशासन की ओर से हमला किया गया। वेबसाइट पर जारी पोस्ट में लिखा गया है कि संत रामपाल के अनुयायियों में बेकसूर महिला और बच्चे शांति से आश्रम के बाहर बैठे थे।  पुलिस ने उन पर पानी की बौछार और लाठियों से हमला कर दिया।  

रामपाल ने हमेशा किया अहिंसा का प्रचार
वेबसाइट के माध्यम से देशद्रोह के आरोपी संत रामपाल को अहिंसा का प्रचारक बताया गया है। पोस्ट में लिखा गया है कि रामपाल ने हमेशा अहिंसा और शांति का प्रचार किया है। वेबसाइट के माध्यम से संत रामपाल को बेकसूर दिखाया जा रहा है। वेबसाइट पर पोस्ट किए जा रहे लेखों पर अनुयायियों के लाईक और कमेंट भी मिल रहे हैं।
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