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सतलोक का मास्टरमाइंड रामपाल नहीं, कोई और

Fri, 21 Nov 2014 01:59 PM IST
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
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इन दिनों देश-प्रदेश की सुर्खियों में बने बरवाला के सतलोक आश्रम का मास्टर माइंड और संत रामपाल का राजदार कुरुक्षेत्र का ही एक जमींदार है। धर्मनगरी निवासी इस शख्स को अभी तक संत रामपाल का भाई समझा जा रहा है, जबकि असलियत में वह संत का भाई न होकर प्लानर है।
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बीबीएमबी कॉलोनी सुंदरपुर निवासी पुरुषोत्तम दास की गिरफ्तारी के बाद उनकी यहां पर स्थित 800 वर्ग गज में विशाल कोठी में सन्नाटा पसरा हुआ है। उनके परिवार के अन्य सदस्य भी यहां पर नहीं हैं और न ही उनसे मोबाइल पर संपर्क पर हो पा रहा है। पुरुषोत्तम दास पर भी देशद्रोह जैसी कई संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है।
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पत्नी की मौत के बाद आश्रम में ही रहता था

पुरुषोत्तम दास का असली नाम पुरुषोत्तम सैनी है। वह वास्तव में संतराम का भाई नहीं, बल्कि आश्रम की गतिविधियों को संभालने वाला उनका राजदार है। वह साधारण वेशभूषा में रहता है। चूंकि वह संत रामपाल का अनन्य भक्त और एक विवादित धार्मिक डेरे के प्रमुख का उसने नाम लिया हुआ है, इसलिए उसको सतलोक आश्रम में पुरुषोत्तम दास के नाम से जाना जाता है।

संत रामपाल के अनुयायी पुरुषोत्तम दास की अपनी छवि काफी साफ-सुथरी और एक भले आदमी के रूप में बताई जा रही है। बताया जा रहा कि पुरुषोत्तमदास की पत्नी की मृत्यु हो चुकी है। पिछले कई वर्षों से पुरुषोत्तम दास कुरुक्षेत्र की बजाय ज्यादातर समय सतलोक आश्रम में ही प्रवास करके बिता रहा था।

कई कारोबार हैं दास के

पुरुषोत्तम दास का असली कारोबार प्रॉपर्टी डीलर, बिल्डिंग मैटीरियल और कार गैरेज का है। पुरुषोत्तमदास की सुंदरपुर में करीब 800 वर्ग गज में विशाल कोठी है। इसी की जड़ में प्रापर्टी, गैरेज और बिल्डिंग मैटीरियल का कारोबार पुरुषोत्तमदास का बेटा ही देखता है, लेकिन बृहस्पतिवार को वह नहीं मिला।

कोठी पर छाई है वीरानगी
संत रामपाल के कथित भाई यानी कुरुक्षेत्र वासी पुरुषोत्तम दास की विशाल कोठी पर इस समय वीरानगी छाई हुई है। यहां उनके बारे में जानकारी देने के लिए कोई नहीं है। हालांकि जब इसी कोठी के निकट पुरुषोत्तम दास के बेटे के व्यापारिक प्रतिष्ठान पर पहुंचकर जानकारी जुटाने का प्रयास किया तो पता चला वे यहां नहीं हैं और जब मोबाइल पर संपर्क किया गया तो यह नंबर भी बंद मिला। पता चला है कि पुरुषोत्तमदास की गिरफ्तारी के बाद उनके परिवार के  सदस्य यहां नहीं है।
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संत कबीर के नाम पर फर्म और अतिक्रमण

जाहिर ही है कि सतलोक आश्रम के कर्ताधर्ता संत रामपाल, संत कबीर के उपासक हैं और कथित रुप से कबीर पंथ में ही विश्वास रखने का दावा करते हैं। लिहाजा उनके अनुयायी कुरुक्षेत्र वासी पुरुषोत्तमदास और उनके बेटे के जितने भी व्यवसाय हैं वे सभी संत कबीर के नाम से चल रहे हैं।

धर्मनगरी वासी पर देशद्रोह का केस
देशद्रोह, भारत सरकार के खिलाफ युद्ध की मंशा, आगजनी करना और हत्या का प्रयास जैसी भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत धर्मनगरी वासी पुरुषोत्तम सैनी पर मामला दर्ज हो चुका है। सैनी पर कई ऐसी धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें उम्रकैद और फांसी तक की सजा हो सकती है।
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