चंडीगढ़। सीबीएसई की ओर से शनिवार को 10वीं के संस्कृत और 12वीं के रसायन विज्ञान के पेपर का आयोजन किया गया। पेपर दो घंटे का था। विद्यार्थियों ने बताया कि रसायन विज्ञान का पेपर आसान था। सवाल एनसीईआरटी की किताब से ही पूछे गए थे। वहीं, संस्कृत का पेपर छात्रों को ठीक लगा। कुछ प्रश्न में थोड़ी असमंजस हुई।
शहर में सीबीएसई 12वीं बोर्ड और 10वीं बोर्ड की टर्म-2 परीक्षा शनिवार को शहर के 56 स्कूलों में आयोजित करवाई गई। इसमें 24 सरकारी स्कूल, 3 केंद्रीय विद्यालय और 29 निजी स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। विद्यार्थियों की परीक्षा सुबह साढ़े 10 बजे शुरू होकर दोपहर साढ़े 12 बजे तक चली। रसायन विज्ञान का पेपर 35 अंकों का था और इसमें कुल 12 प्रश्नों के साथ तीन खंड-ए, बी और सी शामिल थे। वहीं, संस्कृत का पेपर 40 अंकों का था। जीएमएसएसएस धनास की प्राचार्य सीमा ने बताया कि संस्कृत के छात्र कम थे। पेपर आसान से कठिन रहा। हालांकि पेपर सीबीएसई की ओर से जारी सैंपल पेपर के आधार पर था। छात्रों को भाषा के विषय में समझने और लिखने में थोड़ी दिक्कत आती है।
सीधे किताब से आए थे प्रश्न
जीएमएसएसएस-35 के शिक्षक ने बताया कि रसायन विज्ञान का पेपर आसान था। पेपर में एनसीईआरटी की किताब से सीधे ही सवाल पूछे हुए थे। जिन विद्यार्थियों ने एनसीईआरटी की अच्छे से तैयारी की है, उनके लिए पेपर काफी आसान रहा है। 12वीं के छात्र अंकुश ने बताया कि रसायन विज्ञान का पेपर आसान था। मैंने सैंपल पेपर का लिखित में अभ्यास किया था सभी प्रश्न उसी के आधार पर थे। अगर परीक्षा से कुछ दिन पहले भी अच्छे से पढ़ाई की है तो पेपर में अच्छे अंक ले सकते हैं। वहीं, 12वीं की छात्रा ने चित्रा ने बताया कि पेपर टर्म-1 की परीक्षा के मुकाबले आसान लगा। इस बार ऑफलाइन कक्षाएं होने के कारण शिक्षकों ने पेपर पैटर्न समझाया था और उसी के आधार पर प्रश्न पूछे गए थे।