फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुरजीत के साथ मिलकर राहुल मेहता को पीटता था संजीव महाजन : तरुण

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। सेक्टर-37 स्थित करोड़ों की कोठी हड़पने के मामले में बुधवार को जिला अदालत में गवाह तरुण उर्फ तरसेम और अमित गुप्ता की गवाही हुई। इस दौरान तरुण ने कहा कि वह मृतक सुरजीत बाउंसर, दलजीत उर्फ रूबल, शेखर और संजीव महाजन को जानता है। सुरजीत उसे कोठी पर अपने साथ लेकर गया था, जहां उसने कोठी मालिक राहुल मेहता को नशे की हालत में देखा था। तरुण ने अदालत को बताया कि सुरजीत के साथ मिलकर संजीव महाजन राहुल मेहता को पीटता था और मना करने के बावजूद आरोपी राहुल को नशा देते थे। वहीं, दूसरे गवाह अमित गुप्ता की अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण उसकी गवाही पूरी नहीं हो सकी। अब वीरवार को उसकी गवाही होगी। इस दौरान राहुल मेहता को भी बयान के लिए पेश किया जाएगा।
विज्ञापन

कोठी प्रकरण में जिला अदालत में आरोपी संजीव महाजन, सतपाल डागर, मनीष गुप्ता, राजदीप और गुरप्रीत सिंह की पेशी हुई। इस दौरान गवाह तरुण ने अदालत को बताया कि साल 2017 में सुरजीत बाउंसर ने उसे फोन पर बताया कि सेक्टर-37 में कोठी नंबर 340 में उसने कब्जा कर लिया है। उसके बाद तरुण शेखर और सुरजीत के साथ उस कोठी में गया था। वहां उसे कुछ बाउंसरों के साथ दलजीत और संजीव महाजन मिले। पास में ही राहुल नशे की हालत में पड़ा हुआ था। उसने राहुल के बारे में पूछा तो वहां मौजूद लोगों ने बताया कि वह कोठी का मालिक है और नशे का आदि है। इस बीच वह कई बार कोठी पर गया। इस दौरान उसने देखा कि संजीव महाजन और सुरजीत राहुल मेहता को मिलकर खूब मारते थे और नशा देते थे। इसके लिए उसने कई बार मना भी किया था।
दूसरे गवाह अमित गुप्ता ने जैसे ही गवाही शुरू की उसकी तबीयत खराब हो गई। उसके बाद जिला अदालत ने आगे की सुनवाई के लिए वीरवार का दिन तय कर दिया।
राहुल घर से भागकर दिल्ली पहुंचा था, रैन बसेरे से पकड़कर ले आए
तरुण ने अपनी गवाही में बताया कि राहुल मेहता ने बचने के लिए घर से भागने की कोशिश भी की थी। एक दिन उसे संजीव महाजन ने फोन पर बताया कि राहुल घर से भाग गया है। पता चला है कि वह दिल्ली में है। संजीव महाजन, शेखर, सुरजीत और तरुण हवाई जहाज से दिल्ली पहुंचे और उसकी खोज की, लेकिन वह नहीं मिला। बाद में सुरजीत को किसी ने बताया कि राहुल कश्मीरी गेट के पास बने रैन बसेरे में है। वहां से राहुल मेहता को सड़क मार्ग से वापस चंडीगढ़ लेकर आए और राहुल को सेक्टर-38 स्थित शेखर के फ्लैट में बंद कर दिया गया। इस दौरान रास्ते में संजीव महाजन ने किसी को फोन कर बताया कि राहुल मेहता का पता चल गया है, उसे चंडीगढ़ लेकर आ रहे हैं, हम एस्टेट ऑफिस में मिलते हैं। उस फ्लैट में भी संजीव महाजन, सुरजीत और रूबल के साथ राहुल मेहता को पीटते थे और नशा देते थे।
विज्ञापन

चार लाख रुपये संजीव महाजन को दिए
अदालत में तरुण ने बताया कि सुरजीत ने चार लाख रुपये का एक चेक जारी किया था। संजीव महाजन के साथ वह सेक्टर-9 स्थित एक बैंक में गया और उस चेक को अपनी आईडी से कैश करवाया और सारे रुपये संजीव महाजन को दे दिए।
संजीव ने राहुल की मरहम पट्टी करने से रोका : अमित गुप्ता
सेक्टर-37 के केमिस्ट शॉप के मालिक अमित गुप्ता ने अदालत को बताया कि वह वर्ष 2014 से मेडिकल स्टोर चला रहा था। वर्ष 2016 में राहुल मेहता के बाएं पैर में खून निकल रहा था, उनके पड़ोसी मरहम पट्टी के लिए उन्हें उनकी दुकान पर ले कर आए। पैर में घाव था इसलिए राहुल को पट्टी के लिए हर दूसरे दिन स्टोर पर आना पड़ता था। कुछ दिन बाद संजीव महाजन उनकी दुकान पर आया और राहुल मेहता की मरहम पट्टी नहीं करने को कहा। उसके बाद राहुल का कुछ पता नहीं चला। उसके कुछ दिन बाद रामपाल, परमिंदर, अशोक और वीरू उर्फ वरिंदर नाम के चार पुलिस वाले अमित को उसकी दुकान से रात करीब आठ बजे सेक्टर-39 पुलिस स्टेशन ले गए। थाना प्रभारी राजदीप सिंह और उनके स्टाफ ने राहुल मेहता के बारे में उनसे पूछताछ की। अमित ने कहा कि पुलिस लगातार तीन दिन तक उन्हें पूछताछ के नाम पर परेशान करती रही। उसके बाद पुलिस की ओर से उसे राहुल मेहता के बारे में कोई चर्चा नहीं करने को कहा। इतने बयान के बाद अमित की तबीयत खराब हो गई। अदालत ने वीरवार को उनके आगे के बयान दर्ज करने का आदेश दिया।
संजीव ने पत्नी को थमाया दस्तावेज, कांस्टेबल सस्पेंड
मंगलवार को पेशी पर आए आरोपी संजीव महाजन ने अपनी पत्नी को कोई दस्तावेज दे दिया। इस मामले में सुरक्षा में तैनात सिपाही पवन कुमार की लापरवाही सामने आई। डीएसपी पुलिस लाइन ने मामले को गंभीता से लेते हुए कांस्टेबल को बुधवार को सस्पेंड कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें