चंडीगढ़। शहर के 25 से ज्यादा सेक्टरों के सफाई कर्मचारियों को पिछले 27 महीनों से गुड़, तेल और साबुन न मिलने का मुद्दा आगामी सदन की बैठक में जोर-शोर से उठाया जाएगा। इस बीच, बुधवार को कर्मचारियों को एक महीने का रुका हुआ वेतन तो मिल गया है लेकिन लॉयन कंपनी ने बकाया गुड़, तेल और साबुन के मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लिया है। अब इस मामले में प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से तत्काल हस्तक्षेप की मांग उठने लगी है।
यह मुद्दा इसलिए और भी गंभीर हो जाता है क्योंकि मेयर और नगर आयुक्त दोनों ही शहर से बाहर हैं, जिससे किसी बड़े फैसले की उम्मीद उनके लौटने के बाद ही है। कांग्रेस पार्षद गुरुप्रीत सिंह गाबी ने चिंता व्यक्त की कि लॉयन कंपनी का नगर निगम के साथ विवाद चल रहा है, जिसके कारण निगम ने कंपनी का पैसा रोका हुआ है। गाबी का कहना है कि 30 जून को कंपनी का करार खत्म हो गया था जिसे फिलहाल कुछ महीनों के लिए बढ़ाया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर कुछ महीने बाद किसी नई कंपनी से करार हो जाता है और यह कंपनी अपना पैसा लेकर चली जाती है तो 1000 कर्मचारियों में से हर एक को उनके हक के करीब 13,000 रुपये दिलाने की जिम्मेदारी किसकी होगी? इस मामले में प्रशासक को संज्ञान लेना चाहिए।
सदन में मजबूती से उठेगी आवाज
आम आदमी पार्टी की पार्षद प्रेमलता और डिप्टी मेयर तरुणा मेहता ने भी कर्मचारियों को 27 महीने से उनके हक का सामान न मिलने को एक बड़ी गलती बताया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सदन में पहले भी उठाया गया था और इस बार इसे और मजबूती से रखा जाएगा। प्रेमलता ने बताया कि कर्मचारियों को काफी समय से ड्रेस भी नहीं मिली है जिसकी जांच होनी चाहिए और उन्हें समय पर ड्रेस भी दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने भी प्रशासक के हस्तक्षेप करने मांग की।