चंडीगढ़। डंपिंग ग्राउंड के पास आठ एकड़ में बनने वाले सैनेटरी लैंडफिल के लिए सोमवार को टेक्निकल कमेटी बोर्ड की बैठक में सहमति मिलने के बाद फाइनेंशियल बिड खोली गई। इसमें सबसे कम बोली वरुण प्रोकोन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से लगाई गई है। मंगलवार को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में इस कंपनी के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।
स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि 12 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के लिए चार कंपनियों ने आवेदन किया था। इसमें एसएमस लिमिटेड, गोरांतला जिओसिंथेटिक प्राइवेट लिमिटेड, वरुण प्रोकोन प्राइवेट लिमिटेड और गोयंत ट्रेडिंग कंपनी शामिल हैं। चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड डंपिंग ग्राउंड में सैनेटरी लैंडफिल साइट बनाने जा रही है। इस साइट की 12 फुट की चारदीवारी होगी और लीचेट के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा जिससे ट्रीट किया पानी सीवर लाइन में डाला जा सकेगा। साइट पर रिसाइकिल नहीं होने वाला रोज 5 से 10 फीसदी कचरा गिराया जाएगा। डंपिंग ग्राउंड की खुदाई में बचा व्यर्थ भी वहीं जाएगा।
2005 में प्लांट लगाने का जेपी एसोसिएट के साथ हुआ था करार
जानकारी के अनुसार निगम ने जेपी एसोसिएट के साथ 2005 में गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट लगवाने का एमओयू किया था। इसके बाद कंपनी ने प्लांट लगाने का काम शुरू किया और प्लांट 2008 मई में शुरू किया गया। 2009 में ठीक से काम शुरू हुआ। इसके बाद निगम ने फेज वन में रोड किनारे लगती 22 एकड़ जमीन को 2011 तक सैनेटरी लैंडफिल बनाया। इसके नीचे लीचेट को निकालने के लिए पाइप बिछाई गई थी, लेकिन लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाया। ऐसे में लीचेट एक जगह जमा होता गया। इसकी वजह से आसपास के लोगों को बदबू से ज्यादा परेशानी होती गई। अब इस प्रोजेक्ट से निगम लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास करेगा। अभी डंपिंग ग्राउंड में लीचेट जमा रहने से आसपास रहने वालों को परेशानी हो रही है। अब सैनेटरी लैंडफिल साइट के नीचे पाइप बिछाई जानी हैं, जिससे कि लीचेट इकट्ठा होकर लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचेगा। वहां से ट्रीट करके लीचेट को सीवर लाइन में छोड़ा जाएगा। वहां से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रीट होकर पार्कों की सिंचाई के लिए शहर में पहुंचेगा। ऐसा किए जाने से लीचेट की समस्या खत्म हो जाएगी।