भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ बोले- जो मैंने पहले कहा था, उसी पर अब भी कायम, न्याय होना चाहिए
सरकार और संगठन अपने रुख पर कायम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। जूनियर महिला कोच से छेड़खानी के आरोप से घिरे हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। मंत्रिमंडल से उनके इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने सरकार पर फिर से दबाव बनाना शुरू कर दिया है। वहीं, भाजपा और सरकार अपने रुख पर कायम हैं। भाजपा अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि मेरा रुख वही है, जो मैंने पहले कहा था। इस मामले में न्याय होना चाहिए। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी अब भी उस पर कायम है। हालांकि इस प्रकरण के बाद से संगठन ने संदीप सिंह से दूरी बना ली थी। पिछले एक साल में जो भी बैठकें हुई हैं, उनमें संदीप सिंह को आमंत्रित नहीं किया गया है। वहीं, हरियाणा भाजपा प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने कहा कि वह इस मामले में टिप्पणी नहीं करना चाहते। दूसरी तरफ सरकार भी अपने रुख पर कायम है। पिछले दिनों मानसून सत्र के दौरान संदीप सिंह के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष के हंगामे पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जोर देकर कहा था कि वह संदीप सिंह से इस्तीफा किसी भी कीमत पर नहीं लेंगे। इस बात को उन्होंने तीन बार सदन में दोहराया था। उनके रुख से यह साफ हो गया था कि वह संदीप सिंह के साथ मजबूती से खड़े हैं। वहीं, हरियाणा भाजपा से जुड़े एक नेता ने यह भी कहा कि पार्टी भी संदीप सिंह से इस्तीफे की मांग नहीं करेगी। चार्जशीट भले ही दायर हो गई हो, लेकिन चार्जशीट में कुछ ऐसे आरोप हैं, जो साबित नहीं होते हैं। मामला अदालत में चल रहा है। अब अदालत ही इस पर फैसला लेगी। कुछ लोग जानबूझ कर इस मुद्दे को हवा दे रहे हैं। हालांकि जब यह मामला सामने आया था तो उस दौरान संगठन और सरकार की ओर से कहा गया था कि पुलिस की जांच और चार्जशीट सामने आने के बाद ही कुछ फैसला लेंगे। लेकिन अब चार्जशीट अदालत में पेश हो गई है। उसके बाद भी पार्टी और सरकार के रुख में कोई बदलाव नहीं है। दोनों अपने पुराने रुख पर कायम हैं। लेकिन अंदर खाते कुछ लोग इस फैसले से खुश नहीं है। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अगले साल चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी को सोच समझकर फैसले लेने चाहिए। वहीं, संदीप सिंह ने अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दी है। इस मामले में 13 सितंबर को सुनवाई होनी है। यदि संदीप सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होती है तो देखना होगा कि पार्टी इस मामले पर क्या फैसला लेती है। वहीं, मुख्य केस के ट्रायल की तारीख 16 सितंबर है। चंडीगढ़ पुलिस ने चार्जशीट अगस्त के आखिरी हफ्ते में दायर की थी।