बठिंडा में बीर तालाब गांव स्थित मिनी चिड़ियाघर सह हिरण सफारी से चंदन के पेड़ों को चोरी से काटने का मामला सामने आया है। हालांकि यह मामला 30 सितंबर को वन एवं वन्य जीव संरक्षण विभाग के संज्ञान में आया था लेकिन 28 दिन बाद अधिकारियों ने विभाग के तीन कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। एसएचओ थाना सदर गुरमीत सिंह का कहना है कि उनके पास शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार मिनी जू कम डियर सफारी में छह चंदन के पेड़ हैं। 28 सितंबर की रात हिरण सफारी से किसी ने चोरी-छिपे पांच चंदन के पेड़ काट डाले। हालांकि, हिरण सफारी में केवल एक द्वार है जिस पर 24 घंटे पहरा रहता है। वहीं बेलदार ने दावा किया है कि 28 सितंबर और 15 अक्तूबर को दो बार चंदन के पेड़ काटे जा चुके हैं। जिस रात इन महंगे पेड़ों को काटा गया, उस रात हिरण सफारी में पांच कर्मचारी ड्यूटी पर थे। इसलिए समझा जा रहा है कि विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से चंदन के पेड़ों की चोरी की गई है।
जांच में चोरी का खुलासा
घटना का पता 29 सितंबर को तब चला जब वन रक्षक सर्वजीत कौर हिरण सफारी में ड्यूटी पर पहुंची। इसकी जांच की गई तो पता चला कि वहां से दो हरे और एक सूखे चंदन के पेड़ को काटकर चोरी कर लिया गया है। इसके बाद पूरे मिनी जू और हिरण सफारी की जांच की गई तो पता चला कि यहां से पांच चंदन के पेड़ काटकर चोरी हो गए हैं।
सात दिन में देना है जवाब
हिरण सफारी में एक गिरा हुआ पेड़ पड़ा था, जिससे लगता है कि चोर किसी कारणवश उसे उठा नहीं पाए। चंदन के पेड़ चोरी के मामले में वन परिक्षेत्र अधिकारी ने मिनी जू व हिरण सफारी के तीन कर्मचारियों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है। वन विभाग के अधिकारी ने वन रक्षक राजकुमार, बेलदार विजय कुमार और रामलाल को नोटिस पर सात दिन में जवाब देने को कहा है। सात दिन में जवाब नहीं देने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में लिखा है कि कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं की, जिससे पंजाब सरकार को नुकसान हुआ है।