रेत माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह अब रात के अंधेरे में नहीं बल्कि दिनदहाड़े खनन कर रहे हैं। साथ ही पुलिस विभाग में उनके संपर्क इतने मजबूत हैं कि पुलिस के आने के पहले ही उनको सूचना मिल जाती है।
इसके बाद पुलिस महज खानापूर्ति करके चली जाती और खनन माफिया अपने रेत और ग्रेवल्स से भरे वाहन लेकर आराम से निकल जाते हैं। ऐसा ही बुधवार को भी देखने को मिला। जब बुधवार दोपहर करीब 12 बजे सेक्टर-23 और 24 पंचकूला के रास्तों से पोकलेन, जेसीबी और भारी संख्या में टिप्परों की एक टीम गांव किशनपुरा के पिछली ओर स्थित गोल्डन फोरेस्ट की जमीन पर पहुंच गई। कुछ ही घंटों में पोकलेन मशीनों से कई फुट नीचे तक जमीन खोद दी। इसके बाद जेसीबी ने ग्रेवल्स के साथ रेत उठाया और टिप्परों में भरना शुरू कर दिया। गांव सनोली स्थित हनुमान मंदिर से गुजर रहे एक राहगीर ने ग्रेवल्स से भरे टिप्परों को जाते हुए देखा तो उसने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस रेत माफिया को भागने का देती है पूरा मौका
राहगीर ने पुलिस को दोपहर डेढ़ बजे सूचना दी थी। लेकिन वह तीन बजे मौके पर पहुंची। वह भी गांव नगला में बनी चर्च के पास। जबकि अवैध माइनिंग का गोरखधंधा गांव किशनपुरा के पिछली तरफ बीड़ पीरमुछल्ला में स्थित गोल्डन फोरेस्ट की 50 एकड़ जमीन के अंदर चल रहा था। पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाकर रेत माफिया से जुड़े लोग बड़े आराम से अपने सामान सहित निकल गए।
पेड़ और पानी की मोटर के चारों तरफ कर दी खुदाई
Sand Mining
पेड़ और पानी की मोटर के चारों तरफ कर दी खुदाई
खनन माफिया ने पोकलेन मशीनों से पेड़ और पानी की मोटर के क्षेत्र को छोड़कर उसके आसपास 20 से 25 फुट नीचे तक खुदाई करके ग्रेवल्स निकाल लिए हैं। इसके अलावा एक गोल्डन फोरेस्ट की जमीन पर एक कमरा बना है, जिसके चारों तरफ भी पोकलेन मशीनों ने खुदाई कर दी है।
अवैध माइनिंग जीरकपुर में, एसडीएम की कार्रवाई डेराबस्सी में
बुधवार को रेत माफिया एक ओर जीरकपुर में अवैध माइनिंग कर रहे थे तो दूसरी ओर प्रशासनिक अधिकारी डेराबस्सी में ट्रॉलियों को जब्त करके वाहवाही लूट रहे थे। सूत्रों का कहना है कि खनन का पूरा खेल पुलिस की शह पर ही चलता है।
सूचना मिली थी पर मैं डेराबस्सी था : एसडीएम
बुधवार को अवैध माइनिंग के खिलाफ एक मुहिम चलाकर 5 ट्रॉलियां गांव भांखरपुर और एक ट्रॉली को बाकरपुर से कब्जे में ली है। इनके पास माइनिंग से जुड़े कार्यों को लेकर मंजूरियां नहीं थीं। इसके बाद इनको कब्जे में लेकर डेराबस्सी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवा दी है। जब जीरकपुर में अवैध माइनिंग के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सूचना मिल गई थी, लेकिन उस समय डेराबस्सी था। इसलिए जीरकपुर पुलिस के थाना प्रभारी को आदेश देकर जांच करने के लिए कह दिया था।
-परमदीप सिंह, एसडीएम, डेराबस्सी।