समझौता ब्लॉस्ट में आरोप तय होने के बाद सोमवार से कोर्ट में केस का ट्रायल शुरू हो गया।
हालांकि ट्रेन के ड्राइवर के भी बयान होने थे, लेकिन पिछले दिनों प्राकृतिक कारणों से उसकी मौत हो चुकी है। मंगलवार को भी ट्रायल होना है और ट्रेन का को-ड्राइवर अपने बयान दर्ज कराएगा।
वहीं सोमवार को सभी आरोपी पेश हुए। केस में प्राथमिक कार्रवाई से जुड़े दो पुलिस कर्मियों ने अपने बयान दर्ज कराए।
एएसआई महिंद्र सिंह ने कोर्ट में कहा कि वह मौजूदा समय में करनाल में तैनात है।
हादसे के वक्त पानीपत में तैनात था और एफआईआर दर्ज की थी। महिंद्र ने कोर्ट में एफआईआर और रपट भी प्रस्तुत की। सबसे पहले ब्लॉस्ट की जानकारी एएसआई रंजीत सिंह को मिली थी।
उसने भी कोर्ट में बयान दर्ज कराए। सिंह ने कहा कि जानकारी आने के बाद उसने संबंधित एसएचओ को बताया। इसके बाद मौके पर गया तो स्थानीय ग्रामीण पहले ही वहां मौजूद थे।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ देर बाद ही बड़े अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे। बता दें कि स्वामी असिमानंद सहित अन्य आरोपियों पर पंचकूला की विशेष अदालत से आरोप तय हो चुके हैं।