समझौता ब्लास्ट मामले में नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान चार गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें अजमेर ब्लास्ट मामले में सह-आरोपी भरत भाई सहित तीन अन्य गवाहों ने बयान दर्ज करवाए।
मुख्य आरोपी असीमानंद सहित अन्य आरोपी अदालत में पेश हुए। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए तीन जुलाई की तारीख तय की है। फरवरी, 2007 में पानीपत के पास दीवाना रेलवे स्टेशन के पास समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाके के मामले की सुनवाई एनआईए की विशेष अदालत में चल रही है।
बचाव पक्ष के वकील मुकेश गर्ग ने बताया कि गुजरात के वल्साड निवासी भीमसेन पसरीजा, अजमेर ब्लास्ट के सह-आरोपी भरत भाई, वासुदेव परमार और शीतल गहलोत ने बयान दर्ज करवाए। गवाह पसरीजा ने साध्वी प्रज्ञा के मामले में मुंबई एटीएस की ओर से प्रताड़ित किए जाने के बयान दिए।
एनआईए के वकील आरके हांडा ने बताया कि अगली सुनवाई तीन जुलाई को होगी। इस दौरान नौ लोगों की गवाही होगी। इनमें छह महाराष्ट्र व तीन अन्य प्रदेशों के हैं। इस मामले में गवाह भरत भाई की पत्नी कविता को भी अगली तारीख पर गवाही के लिए बुलाया गया है।