चंडीगढ़। नगर निगम चुनाव से पहले वार्ड परिसीमन को लेकर चल रही अटकलों पर यूटी प्रशासन ने पूरी तरह विराम लगा दिया है। प्रशासन ने आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर स्पष्ट किया है कि नगर निगम के वार्डों की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। आगामी नगर निगम चुनाव मौजूदा 35 वार्डों के आधार पर ही कराए जाएंगे। वार्ड नंबर 1 से लेकर 35 तक की वर्तमान सीमाएं, क्षेत्र और संख्या पहले की तरह ही लागू रहेंगी।
यूटी प्रशासन की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में न तो नगर निगम की सीमाओं में कोई बड़ा बदलाव हुआ है और न ही जनसंख्या में ऐसा कोई उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव सामने आया है जिससे नए सिरे से परिसीमन की जरूरत पड़े। प्रशासन का कहना है कि परिसीमन तभी आवश्यक होता है, जब जनसंख्या आंकड़ों या निगम क्षेत्र में बड़े स्तर पर परिवर्तन हो, जबकि वर्तमान हालात में ऐसी कोई स्थिति नहीं है।
2020 में हुआ था पिछला परिसीमन
लोकल गवर्नमेंट एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम चुनाव से पहले पिछली बार 30 दिसंबर 2020 को परिसीमन किया गया था। उस समय वार्डों की संख्या 26 से बढ़ाकर 35 की गई थी। यह बदलाव तत्कालीन जनगणना आंकड़ों और नगर निगम सीमा में शामिल किए गए नए गांवों को ध्यान में रखते हुए किया गया था। इसके बाद न तो नई जनगणना हुई और न ही निगम क्षेत्र का विस्तार, जिससे दोबारा परिसीमन जरूरी हो।
अब आरक्षण प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश, चुनाव की तैयारियों का अगला चरण जल्द
प्रशासन ने पंजाब म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट, 1976 की धारा 8 और 9 के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। नोटिफिकेशन के साथ ही स्टेट इलेक्शन कमिशन, यूटी चंडीगढ़ को वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दे दिए गए हैं। अनुसूचित जाति, महिला और अन्य श्रेणियों का आरक्षण मौजूदा वार्ड संरचना के आधार पर ही तय किया जाएगा।
हर नगर निगम चुनाव से पहले वार्डों की संख्या और क्षेत्र को अंतिम रूप दिया जाता है, उसके बाद ही आरक्षण और चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ती है। अब परिसीमन को लेकर स्थिति साफ होने के बाद नगर निगम चुनाव की तैयारियों का अगला चरण जल्द शुरू होने की संभावना है।